चीन और भारत के बीच बातचीत होने से दूसरा डोकलाम होने से बचा : चीनी विशेषज्ञ



चीनी विशेषज्ञों ने सोमवार को कहा है कि चीन और भारत के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सीमा मुद्दों को लेकर हुई सकारात्मक चर्चा होने से दूसरा डोकलाम होने से बच गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सैन्य गतिरोध थोड़े समय के लिए जारी रह सकता है।

बीजिंग के सिंघुआ यूनिवर्सिटी के नेशनल स्ट्रैटिजी इंस्टीट्यूटल के रिसर्च विभाग के निदेशक क्यूइअन फेंग ने कहा है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच उच्च स्तर के सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बातचीत से यह संकेत मिलते है कि दोनों देश स्थिति पर बहुत ध्यान दे रहे हैं और इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह भी पता चलता है कि दोनों देश चीन और भारत शांतिपूर्ण तरीके से सीमा मुद्दों को हल करन के लिए दृढ़ हैं।


उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास रणनीतिक ज्ञान है कि वह अमेरिका के चीन से मुकाबले के लिए भारत को प्रोत्साहित और हस्तक्षेप करने के दूरस्थ लक्ष्य को समझें और वो भी ऐसे समय में जब चीन और अमेरिका के संबंध और भी खराब हो गए हैं।


मीडिया रिपोर्ट से पता लगा है कि दोनो पक्ष सीमावर्ती क्षेत्र में अपने सैनिकों को मजूत कर रहे हैं। जिससे एक और गतिरोध हो रहा है और कुछ का कहना है कि यह दूसरा डोकलाम संकट होगा। जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा नहीं होगा। दोनों देशों के पास 2017 के डोकलाम का अनुभव है और उसके बाद सभी प्रकार के सेना, राजनयिक और स्थानीय मुद्दों पर द्वीपक्षीय व्यवस्था स्थापित की गई है जिसने संकट में ऐसी घटना की संभावना को खत्म कर दिया है। उनका कहना है कि वर्तमान में चल रहे गतिरोध की तुरंत खत्म होने की संभवना नहीं है। क्य़ोकि ठीस मुद्दों को अभी भी हल किया जाना चाहिए। 
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