पाकिस्तानी टीम से हटाये जाने की बात को स्वीकार करना कठिन था : सरफराज अहमद



पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज सरफराज अहमद ने कहा है कि पिछले साल पाकिस्तानी टीम से हटाये जाने की बात को स्वीकार करना उनके लिए कठिन था। सरफराज की यह टिप्पणी तब आई है जब उन्हें इंग्लैंड के आगामी दौरे के लिए 29 सदस्यीय टीम में चुना गया है।

उन्होंने कहा, "स्पष्ट रूप से इस तथ्य को स्वीकार करना कठिन था कि मैं टीम का कप्तान होने के साथ-साथ एक नियमित सदस्य था और फिर अचानक, मुझे बाहर कर दिया गया। इस बात को स्वीकार करना मेरे लिए कठिन हो गया था, हालांकि मैं भाग्यशाली था कि घरेलू क्रिकेट और उसके बाद पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) में मुझे मौका मिल गया।"

उन्होंने कहा, "टीम से निकाले जाने के बाद ज्यादातर समय, मैं व्यस्त रहा। फिर पिछले तीन महीनों में कोरोना वायरस महामारी के कारण मुझे अपनी फिटनेस सुधारने का मौका मिल गया।"

इंग्लैंड दौरे पर सरफराज मोहम्मद रिज़वान के बाद पाकिस्तान के दूसरे विकेटकीपर हैं। सरफराज को पिछले साल अक्टूबर में कप्तानी से हटा दिया गया था और सभी प्रारूपों में उनकी जगह रिजवान को टीम में शामिल किया गया था।
इस साल की शुरुआत में, अहमद को पीसीबी केंद्रीय अनुबंध में श्रेणी ए से हटाकर श्रेणी बी में डाल दिया गया था। इसके बाद सरफराज ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में वापसी की और 48.57 की औसत के साथ 340 रन बनाए।

सरफराज ने कहा,"जब आप किसी भी प्रारूप में एक कप्तान होते हैं, तो यह निश्चित रूप से आप पर बहुत दबाव लाता है और यही कारण है कि इसकी एक बड़ी जिम्मेदारी है। जब आप बिना ब्रेक के, बिना किसी रुकावट के क्रिकेट खेल रहे थे, तो ये ब्रेक वास्तव में आपकी मदद करते हैं। मैं मिस्बाह भाई से बात कर रहा था और उन्होंने मुझसे इस समय का उपयोग अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए कहा।

उन्होंने कहा, "जब आप कप्तान होते हैं तो आप मूल रूप से अलग तरह से सोचते हैं। आप अपने बारे में कम और टीम के बारे में ज्यादा सोचते हैं। आपका मुख्य ध्यान टीम के परिणाम और प्रदर्शन पर रहता है। लेकिन अब मेरे पास ऐसा नहीं है। अब मैं जिम्मेदारी से एक खिलाड़ी के रूप में अपनी भूमिका निभा सकता हूं।"

पाकिस्तान को इंग्लैंड दौरे पर तीन टेस्ट और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। सभी मैच खाली स्टेडियम में खेले जाएंगे। 
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