मालदीव में फंसे भारतीयों को लेकर नौसेना का जहाज पहुंचा कोच्चि


भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस जलाश्व माले, मालदीव में फंसे 698 भारतीयों को लेकर रविवार सुबह केरल के कोच्चि हार्बर पर पहुंच गया है, जिसमें 595 पुरुष,103 महिलाएं (19 गर्भवती) और 14 बच्चे शामिल हैं।

विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए नौसेना ने ऑपरेशन 'समुद्र-सेतु' लॉन्च किया है। ऑपरेशन के पहले चरण के तहत नौसेना के दो बड़े युद्धपोत माले पहुंचे थे। उनमें से आईएनएस जलाश्व 698 भारतीयों को लेकर शुक्रवार को केरल के कोच्चि के लिए रवाना हुआ था। भारतीय नौसेना ने आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर की मदद से मालदीव में रह रहे करीब 1800 से 2000 लोगों को स्वदेश वापस लाने की योजना बनाई है। इसके लिए नौसेना के जहाजों को चार बार चक्कर लगाने होंगे। इसमें दो चक्कर कोच्चि के लिए और दो चक्कर तूतीकोरिन के लिए होंंगे। स्वदेश वापसी में जबसे ज्यादा प्राथमिकता जरूरतमंद लोगों को ही दी जा रही है। इनमें बच्चे, बूढ़े, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।

नौसेना के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी फैलने के कारण भारत सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाना चाहती है। इसके लिए सरकार ने नौसेना को जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिए थे। इसी के तहत नौसेना ने ऑपरेशन समुद्र-सेतु यानि समंदर में युद्धपोतों के जरिए ब्रिज यानी पुल बनाने का निर्णय लिया।  ऑपरेशन समुद्र सेतु के पहले चरण में मालदीव से भारतीयों को लाने के लिए नौसेना ने अपने दो बड़े युद्धपोत, आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर को मालद्वीप की राजधानी माले भेजे। माले स्थित भारतीय हाई कमीशन की देखरेख में इन भारतीयों की वापस भेजा रहा है। पहले चरण में करीब दो हजार भारतीयों को वापस लाया जाना है। वापस आने वाले भारतीयों की पहले जरूरी मेडिकल स्क्रीनिंग की जा रही है। आने वाले हर भारतीयों को 40 डॉलर किराए के तौर पर हाई कमीशन को देने होंगे‌।

नौसेना के मुताबिक दोनों ही युद्धपोत में क्रू और लोगों के लिए जरूरी राशन और दूसरा सामान मौजूद है। दोनों ही युद्धपोत में स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं। साथ ही सोशल-डिस्टेंशिंग सहित कोरोना वायरस से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। विदेश से लौटने वाले भारतीयों के लिए रक्षा मंत्रालय ने कोच्चि सहित चेन्नई, विशाखापट्टनम, भोपाल, जैसलमेर और जोधपुर में क्वारेंटाइन सेंटर बनाए हैंं।

मालदीव में हजारों भारतीय छुट्टियां बिताने जाते हैं जिस वजह से वहां भारतीयों की संख्या काफी ज्यादा है। यहां 200 द्वीपों पर भारत के लोग रहते हैं। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए माले में भी इस समय लॉकडाउन है। समुद्र के रास्ते अपने नागरिकों का वापस लाने की जिम्मेदारी भारतीय नौसेना ने संभाली है।
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