ये हैं भगवान श्रीराम के वंशज, आज भी शाही जिंदगी जी रहा है इनका परिवार

रामायण में आजतक तो आपने भगवान राम के बारे में काफी कुछ सुना होगा और लोग भगवान राम की आज भी पूजा करते हैं लेकिन क्या आपको पता है की आज भी इस धरती पर भगवान राम के वंशज है। शायद आपको पता नहीं होगा और ऐसा सुनकर आपको शायद विश्वास भी नहीं हो रहा होगा लेकिन ये सच है। दरअसल आज हम आपको जो बताने जा रहे हैं वो थोड़ा हैरानी भरा जरूर है लेकिन सच भी है। जी हां जैसा की आप सभी ने बचपन से ही अयोध्या में जन्मे भगवान श्रीराम का इतिहास सुना होगा लेकिन ये आप नहीं जानते होंगे कि आप आज भी चाहे तो भगवान श्री राम के वंशज से मिल सकते हैं। जी हां सदियां बित चुकी है रामायण की लेकिन फिर भी उनके वंशज आज धरती पर निवास कर रहे हैं। तो अब आप सोच रहे होंगे कि ये अगर धरती पर है तो कहां है और कैसे दिखते हैं? तो आपके इन सभी सवालों का जवाब हम आज देने जा रहे हैं।
बताते चलें कि राम का जीवनकाल एवं पराक्रम महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में वर्णित हुआ है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी उनके जीवन पर केन्द्रित भक्तिभावपूर्ण सुप्रसिद्ध महाकाव्य श्री रामचरितमानस की रचना की है। विशेष रूप से उत्तर भारत में राम अत्यंत पूज्यनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं। इन्हें पुरुषोत्तम शब्द से भी अलंकृत किया जाता है। रामायण के अनुसार, रामजी को अपनी सौतेली मां के वचन के कारण 14 वर्षों का वनवास काटना पड़ा था। 14 वर्षों के वनवास और रावण का वध करने के बाद भगवान राम अयोध्या लौट आये और वहां के राजा बने। लेकिन, इसके बाद की कहानी शायद ही किसी को मालूम हो।
तो आज हम आपको सबसे पहले बता दें की राजस्थान के जयपुर में भगवान श्रीराम का एक वंशज आज भी मौजूद है जो की एक शाही परिवार के रूप में हैं। जी हां ये भी बता दें की इस शाही परिवार की राजमाता पद्मिनी देवी ने बताया है कि उनके पति भवानी सिंह भगवान श्रीराम के बेटे कुश के 309 वें वंशज थे। इस बात का खुलासा तब हुआ जब राजमाता पद्मिनी देवी ने खुद इस बात को अपने इंटरव्यू के दौरान कहा कि उनका परिवार भगवान श्रीराम के बेटे कुश के परिवार का वंशज हैं । राजमाता पद्यिनी देवी के अनुसार, उनके पति भवानी सिंह भगवान श्रीराम के पुत्र कुश के 309 वें वंशज थे।
दरअसल आपको बताते चलें की महाराजा भवानी सिंह और पद्मिनी देवी ने साल 1912 में शादी की थी और इनसे उनकी एक बेटी भी है जिसका नाम दिया है। उनका विवाह इन्होने सवाई माधोपुर के बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह के साथ कर दिया है। वहीं राजमाता पद्मिनी देवी प्रसिद्धि कुछ ऐसी है की लोग बॉलीवुड के कुछ बड़े बड़े सितारें अक्सर राजमाता पद्मिनी से मिलने जाते रहते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि पद्मिनी की बेटी दीया कुमारी के बेटे पद्मनाभ सिंह, भारत की पोलो टीम के एक बहुत ही बड़े खिलाडी हैं ।

हालांकि ऐसे कई राजा और महाराजा हैं जिनके पूर्वज श्रीराम थे। राजस्थान में कुछ मुस्लिम समूह कुशवाह वंश से ताल्लुक रखते हैं। मुगल काल में इन सभी को धर्म परिवर्तन करना पड़ा लेकिन ये सभी आज भी खुद को प्रभु श्रीराम का वंशज ही मानते हैं।

Previous Post Next Post

.