आईएनएस जलाश्व 700 नागरिकों को लाने के लिए माले पहुंचा



 भारतीय नौसेना के ऑपरेशन 'समुद्र सेतु' का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू होगा। मालदीव की राजधानी माले से 700 नागरिकों को लाने के लिए आईएनएस जलाश्व गुरुवार को दोपहर में वहां पहुंच गया है। पहले चरण में इससे पहले आईएनएस जलाश्व ने 10 मई को 698 भारतीय नागरिकों को माले से सुरक्षित निकालकर कोच्चि पहुंचाया था। आईएनएस मगर भी 202 नागरिकों को माले से निकालकर कोच्चि वापस ला चुका है। इस तरह भारतीय नौसेना अब तक 900 भारतीय नागरिकों को माले से निकालकर भारत वापस ला चुकी है।

विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए नौसेना ने ऑपरेशन 'समुद्र-सेतु' लॉन्च किया है। ऑपरेशन के पहले चरण के तहत नौसेना के दो बड़े युद्धपोत आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर माले पहुंचे थे। उनमें से आईएनएस जलाश्व ने 698 भारतीयों को 10 मई को केरल के कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचाया था जिसमें जिसमें 595 पुरुष, 103 महिलाएं (19 गर्भवती) और 14 बच्चे शामिल थे। इसके बाद भारतीय नौसेना का दूसरा जहाज आईएनएस मगर 12 मई की शाम को मालदीव की राजधानी माले से 202 भारतीयों को लेकर कोच्चि बंदरगाह पर पहुंचा। इस जहाज में 24 महिलाएं (दो गर्भवती) और दो बच्चे भी थे। गर्भवती महिलाओं को क्रूज टर्मिनल से बाहर निकालने में आईएनएस मगर युद्धपोत के चालक दल ने मदद की। इस जहाज पर तमिलनाडु के एक पुरुष यात्री को स्ट्रेचर से बाहर लाया गया क्योंकि उनके पैर में फ्रैक्चर था। माले में भी उन्हें स्ट्रेचर की मदद से जहाज पर सवार किया गया था।

भारतीय नौसेना ने आईएनएस जलाश्व और आईएनएस मगर की मदद से मालदीव में रह रहे करीब 1800 से 2000 लोगों को स्वदेश वापस लाने की योजना बनाई है। इसके लिए नौसेना के दो जहाज दो चक्कर लगा चुके हैं। स्वदेश वापसी में सबसे ज्यादा प्राथमिकता जरूरतमंद लोगों को ही दी जा रही है। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। दूसरे चरण में भारतीय नागरिकों को वापास लाने के लिए मालदीव, माले में आईएनएस जलाश्व आज दोपहर पहुंच गया है। आईएनएस जलाश्व 15 मई को ऑपरेशन 'समुद्र सेतु' के तहत अपनी दूसरी यात्रा के दौरान माले से 700 भारतीयों को निकालकर कोच्चि लौटेगा।

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