36 दिन बाद मिला लापता बच्चे का कंकाल, 3 आरोपी गिरफ्तार, 30 लाख की फिरौती के लिए किया अपहरण

36 दिनों बाद मासूम डोनेश की सूचना मिली, लेकिन दुखद खबर के साथ। तीन हत्यारों ने 30 लाख रुपए की फिरौती के लिए मासूम बच्चे का अपहरण किया गया था, लेकिन कुछ देर बाद ही उसकी हत्या कर दी गई थी। एक महीने पहले सहसपुर लोहारा थाना अंतर्गत ग्राम बिरोड़ा निवासी कुशल राम राणा के नौ शला के बेटे डोनेश कुमार राणा उर्फ हिमांशु राणा शाम करीब 5:30 बजे बैडमिंटन लेकर घर से निकला था जो रात तक घर नहीं पहुंचा। परिजन, गांववाले और पुलिस लगातार बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अन्य जिला व थानों में भी सूचना दी गई। जिले की पुलिस टीम बालक की तलाश में अन्य जिले भी पहुंची लेकिन कुछ पता नहीं चला। जांच व पूछताछ के दौरान गांव के ही यशवंत पाली को निगरानी में लेकर जांच पड़ताल किया गया।
शक होने पर पुलिस ने गिरफ्त में लेकर कड़ाई से पूछताछ में अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि फिरौती के लिए बच्चे का अपहरण किया। लेकिन बच्चो खुद को छुड़ाकर भागने की कोशिश करने लगा तो उसकी हत्या कर दी और शव को दूसरे गांव के बाहर फेंक दिया। पुलिस टीम द्वारा अपहृत मृत बालक हिमांशु राणा के पहने हुए कपड़े, जुट का बोरा, कंबल और पास के जंगल से कुछ हड्डियां बरामद की गई। पुलिस ने मामले में आरोपी यशवंत पाली (21), कोमल उर्फ छोटू पाली (19) और हेमंत पाली (19) तीनों निवासी बिरोड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस की पूछताछ में आरोपी यशवंत पाली ने बताया कि इनके दो साथी हेंमत पाली और कोमल पाली तीनों मिलकर करीब दो माह पूर्व से गांव में मिले और योजना बनाए कि गांव के कुशल राणा काफी पैसे वाला है। उसके छोटे ब्वतव हिमांशु का अपहरण करेंगे और तीस लाख रुपए की फिरौती वसूल करेंगे। 
तभी से ये लोग हिमांशु राणा की निगरानी कर रहे थे। 26 दिसंबर 2019 को शाम करीब 05:30 बजे हिमांशु राणा अपने घर के बाहर गांव के अन्य छोटे बच्चोंं के साथ बैडमिंटन खेल रहा था। तभी आरोपी हेमन्त पाली बहला फुसलाकर गांव के स्कूल अंदर ले गया जहां पर इनके अन्य साथी पहले से मौजूद थे। आरोपी अपहृत बालक के मुंह में सेलो टेप लगाने लगे उसी दौरान बालक हिमांशु राणा चिल्लाकर आवाज करने लगा। पकड़े जाने के डर से आरोरियों ने गमछा से बालक का गला दबा दिया। इसके बाद पत्थर से बालक के सिर पर वारकर हत्या कर दी। आरोपी मृत बालक के शव को ठिकाना लगाने के लिए जुट के बोरे में भरकर अपने घर से कंबल व मोटरसाइकिल में तीनों सवार होकर अंधरूनी रास्तों से होकर ग्राम टाटावाही के बाहर ग्राम धनौरा रोड़ किनारे घुरूवा के गड्डा में दबा दिए। 

शव को ठिकाना लगाने के बाद तीनों मोटर साइकिल से अपने घर चले गए। रात्रि में प्रार्थी कुशल राणा अपने बालक की गुम होने की सूचना गांव वालों को दी तो गांव वाले आसपास पता तलाश किए। उस दौरान यह आरोपी भी गांव वालों के साथ पता-तलाश में लगे रहे। कबीरधाम पुलिस अधीक्षक, डॉ. लालउमेद सिंह ने बताया कि अपहृत बालक की तलाश में हर संभव प्रयास किया गया। लगातार विवेचना किया गया। संदिग्ध युवक से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल किया। कुल तीन आरोपी को गिरफ्तार किया। मुख्य मामला फिरौती प्राप्त करने के लिए अपहरण और पहचान हो जाने के डर से बच्चे की हत्या करना पाया गया।
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