व्यापारी श्मशान में कर रहा था ऐसा काम कि पता लगा तो उड़ गए सभी के होश

शुद्ध घी के नाम पर नकली घी बनाकर बेचने वाला मनीष अग्रवाल अधिकतर नकली घी नजदीकी श्मशान में बेचता था। दरअसल मनीष का कारखाना कागदीवाड़ा में श्मशान के नजदीक है। श्मशान में शव को लाने वाले लोग घी भी लेकर आते है। ऐसे में ज्यादतार लोग मनीष के कारखाने से घी खरीदते है। मनीष नकली घी को इस श्मशान में खपाता था। यही नहीं आसपास के गांव में असली घी के पैकेट में कुछ नकली घी के पैकेट मिलाकर सप्लाई करता था। बता दे कि ब्रह्मपुरी पुलिस और एसीपी ने मिलकर नकली घी की फैक्ट्री पर छापा मारा था। 
कागदीवाड़ा में कार्रवाई करते हुए मनीष अग्रवाल की फैक्ट्री पर छापा मारा है। पुलिस ने आरोपी मनीष को कोर्ट में पेश किया, पूछताछ के लिए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब पुलिस आरोपी से जानकारी जुटा रही है कि किन दुकानों पर उसने नकली घी बेचा है। मनीष अग्रवाल ने कृष्णा घी की एजेंसी ले रखी है। एजेंसी की आड़ में बनस्पति घी, सोयाबीन तेल और घी के एसेंस को मिलाकर नकली घी तैयार किया जाता है। इस नकली घी को असली दिखने वाले डिब्बो में पैक कर उसमें रैपर और मार्का लगाकर बाजार में सप्लाई करते है। 

पुलिस को मौके से 37 लाख रुपए की नकदी भी मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोजाना दो वाहनों से इतनी कीमत का नकली घी बाजार में खपा रहे थे। इतना ही नहीं घी के अलावा हल्दी और मिर्ची भी पुलिस को भारी मात्रा में मिली है। पुलिस का मानना है कि मिलावटी मसालों का भी कारोबार किया जाता होगा। पुलिस ने इसके लिए कृष्णा कंपनी के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को भी मौके पर ही बुला लिया। पुलिस का कहना है कि सरकार की मंशा के अनुरूप मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Previous Post Next Post

.