भूलकर भी पति-पत्‍नी नवरात्रि के दौरान न करें ये काम वरना…

हिंदु धर्म का सबसे महत्‍वपूर्ण त्‍योहार में से एक है नवरात्रि का त्‍योहार जो कि नौ दिनों का होता है। इस साल नवरात्रि 21 सितंबर से प्रारंभ हो चुका है। कहा जाता है कि इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा कि जाती है जिससे मां प्रसन्‍न होकर अपने भक्‍तो पर कृपा बरसाती हैं। नवरात्र के नौ दिनों के ठीक अगले दिन दसवां दिन शुरू होता है जिसे दशहरा के नाम से जाना जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार एक वर्ष में दो बार नवरात्र आते हैं। हिंदू नववर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष के पहले दिन यानि पहले नवरात्रे को मनाया जाता है। चैत्र और अश्विन माह के नवरात्रे बहुत लोकप्रिय हैं।
नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों- महालक्ष्मी, महासरस्वती तथा महाकाली सहित दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती हैं जिन्हें नवदुर्गा कहते हैं। मां के भक्‍तों के लिए ये बेहद खास दिन होता है इन नौ दिनों में भक्‍त पूरे भक्‍ती भाव से व्रत करके मां को प्रसन्‍न करने की कोशिश करते हैं। वहीं वैज्ञानिक दृष्किोण से भी ये माना जाता है कि कभी कभी व्रत रखने से हमारा शरीर भी स्‍वस्‍थ रहता है। वहीं व्रत में डाइट की अनियमितता की वजह से इस दौरान कमजोरी, गैस्ट्रिक आदि समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
नवरात्रि के उन नौ दिनों में सबसे अंतिम नौंवा दिन होता है जिसे महानवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन कन्या पूजन होता है। उस दिन नौ कुवांरी लड़कियों की पूजा होती है क्‍योंकि इन लड़कियों को देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्र में देवी के पूजन के दौरान कुछ खास बातों का ध्‍यान रखना होता है क्‍योंकि इस काल में देवी आपके घर पधारती हैं। शास्त्रों के अनुसार इन दिनों में हमें भूलकर शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए, नाखून-बाल नहीं काटना चाहिए। यहां तक की बाल में तेल और साबुन-शैम्पू का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए।

कहा जाता है कि इन दिनों जब हम अपने घर में कलश को स्‍थापित करते हैं तो मां खुद आकर हमारे घर में निवास करती हैं और इन नौ दिन हम उनका आह्वान करते हैं। हर काम के मना करने के पीछे कोई न कोई कारण जरूर रहता है। इस नियम का भी एक बड़ा कारण है इसी लिए शास्त्रों में यह नियम दर्ज़ किया गया है।

माना जाता है कि शारीरिक संबंध बनाने पर शरीर में कुछ विशेष तरह के हार्मोंस का निष्कर्षण होता है इसलिए इस दौरान नकारात्मक शक्तियां हमें अपने वश में कर लेती हैं। नवरात्र के वक़्त पति-पत्नी अलग-अलग विश्राम करते हैं। इन नौ दिनों में काफी साफ सफाई बिस्‍तर से लेकर हर चीज तक साफ होना चाहिए ताकि मां की अवहेलना न हो।
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