काली माँ के इस मंदिर में बांटा जाता हैं नूडल्स का प्रसाद

भारत देश के हर शहर, गाँव और गलियों में आपको मंदिर देखने को मिल जाएंगे. इन सभी मंदिर की स्थापना के पीछे एक अलग कहानी होती हैं. इन मंदिरों में अलग अलग तरीके से भगवान की पूजा अर्चना की जाती हैं जो इस मंदिर को बाकी मंदिरों से अलग बनाता हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही अनोखे मंदिर के बारे में बताएंगे जहाँ प्रसाद के रूप में भक्तों को नूडल्स बांटें जाते हैं.

कोलकाता के टंगरा में बसा हैं अनोखा चाइनीज़ काली मंदिर

कोलकाता के टंगरा इलाके को कई लोग चाइना टाउन भी कहते हैं. इस मंदिर की ख़ास बात यह हैं कि यहाँ माता काली की पूजा चाइनीज़ लोग करते हैं. यह चाइनीज़ लोग ब्रिटिश काल के दौरान व्यापार के लिए अक्सर यहाँ आया जाया करते थे जिसके बाद कई लोग यहाँ हमेशा के लिए बस गए. आपको बता दे कि यह मंदिर भारत का एक मात्र ऐसा मंदिर हैं जहाँ चीनी लोगो द्वारा माता रानी की पूजा की जाती हैं.
नवरात्री के दिनों में तो इस मंदिर में माता के दर्शन के लिए अन्य प्रवासी चीनी लोग भी यहाँ आते हैं. चीनियों के अलावा यहाँ रहने वाले हिन्दू लोगो का भी माता के दर्शन के लिए ताता लगा रहता हैं. यह मंदिर हिन्दू और चीनी संस्कृति को आपस में जोड़ने का कार्य करता हैं.

प्रसाद में बांटें जाते हैं नूडल्स

इस मंदिर की ख़ास बात यह हैं कि यहाँ भक्त जानो को प्रसाद के रूप में नूडल्स, चावल और सब्जियों से बनी करी बांटी जाती हैं. यही वजह हैं कि यह मंदिर पहली नज़र में ही लोगो का ध्यान आकर्षित करता हैं. इस मंदिर में चीनी लोग हिन्दू धर्म के सभी नियम कायदों का पालन करते हैं.

मंदिर की स्थापना की कहानी

आज से लगभग 60 साल पहले इस जगह पर एक पेड़ हुआ करता था. इस पेड़ के नीचे दो काले पत्थर रखे थे. यहाँ के स्थानीय लोग इन पत्थरों की पूजा पाठ करने लगे थे. इसके कुछ दिनों बाद एक दिन चिंदी समुदाय का एक छोटा बच्चा बहुत बीमार पड़ गया था. उसके माँ बाप ने कई प्रयास किए लेकिन उसकी बिमारी ठीक ना हो पाई. एक दिन वह चीनी बच्चा इस पेड़ के नीचे लेट गया और कुछ दिनों बाद चमत्कारी रूप से उसकी तबियत ठीक हो गई. तभी से चीनी लोग भी इन पत्थरों की पूजा करने लगे और बाद में यह मंदिर बना दिया.
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