भूलकर भी इस दिशा में ना लगाए घड़ी वरना आपका भी समय चलने लगेगा खराब

जीवन में समय का बहुत महत्व होता है, अक्सर लोग सलाह देते फिरते है ‘समय के साथ सब कर लो, वरना समय निकाल जाएगा और तुम पछताने के सिवा कुछ नहीं कर पाओगे’। जी हाँ, ये सभी बातें एकदम सही है क्योंकि समय कभी हमारा इंतज़ार नहीं करता। वैसे आपको बता दे की कभी कभी समय बताने वाले का ठीक से ध्यान ना रखा जाए तो भी हमारा समय खराब हो सकता है। आपको बताना चाहेंगे की समय बताने का काम घड़ी का है, लेकिन अगर यही घड़ी किसी ग़लत जगह लगा दी जाए तो ऐसा भी हो सकता है की आपका समय ख़राब चलने लगे। कभी-कभार लोग जाने-अनजाने में घड़ी को गलत जगह पर लगा देते हैं जिससे कि घर पर नाकारत्मक प्रभाव पड़ने लगते हैं।
बता दे की हर किसी के घरों में घड़ी होती है जिसे लोग अक्सर घर में किसी भी दीवार पर टांग देते है लेकिन क्या आपको पता है की किसी भी घड़ी को अपने घर में वास्तु के हिसाब से ही लगाना चाहिए। आईये आज हम आपको बताते हैं कि घर में घड़ी लगाते वक़्त किन-किन  बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले आपको बताना चाहेंगे की वास्तु के अनुसार घड़ी को घर के किसी भी दरवाज़े पर कभी नहीं लगाना चाहिए, ऐसा करना बहुत ही अशुभ माना जाता है। इससे घर में तनाव को आमंत्रण है साथ ही दरवाज़े से गुज़रते वक़्त नकारात्मक एनर्जी प्रवाह होती है।
ऐसा माना जाता है की घर की दक्षिण दिशा में कभी भी घड़ी को नहीं लगाना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में केवल मृत परिजनों की तस्वीरें ही लगाई जाती है। बताना चाहेंगे की वास्तु के अनुसार घड़ी लगाने का सही स्थान उत्तर, पूर्व और पश्चिम दिशा है, ऐसा माना जाता है की ये तीनो दिशायें पॉज़ीटिव एनर्जी वाली होती हैं। यदि आप किसी बड़े से सलाह लेते है तो निश्चित रूप से वो आपको घर के ड्राइंग रूम में पेंडुलम वाली घड़ी लगाने की सलाह ही देगा क्योंकि वास्तु के अनुसार इसी शुभ माना जाता है।

बताना चाहेंगे की घड़ी का आकार भी बहुत महत्व रखता है। यदि आपके घर में गोल, चौकौर, अंडाकार या फिर 6 या 8 भुजा की आकार वाली घडियां हैं तो वास्तु के अनुसार यह शुभ माना जाता हैं। मगर बताना चाहेंगे की घर में तिकोने आकार वाली घड़ी लगाने से बचें, क्योंकि तिकोन तथा अन्य आकार वाली घडियां शुभ सूचक नहीं होती।

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