जाने, स्त्री का कौन सा भाग होता है सबसे ज्यादा पवित्र !

इसमें कोई शक नहीं कि एक स्त्री, एक महिला दुनिया की वो पहेली है जिसे सुलझाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है. जी हां वो इसलिए क्यूकि स्त्री के एक नहीं बल्कि अनेक रूप होते है. ऐसे में उसे समझना बेहद मुश्किल है. इसके इलावा इस दुनिया में शायद ही कोई इंसान ऐसा होगा जो स्त्री के विचारो, उसकी भावनाओ, उसकी जरूरतों और उसके मन की गहरायी को समझ सके. बरहलाल आज हम महिलाओ के बारे में बात इसलिए कर रहे है, क्यूकि आज हम आपको महिलाओ के बारे में कुछ खास बातें बताना चाहते है.
जी हां हम आपको बताना चाहते है, कि स्त्रियों का कौन सा भाग सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है. वैसे अगर हम अपने ऋषि मुनियो की माने तो उनका कहना है, कि एक ब्राह्मण के पैर पवित्र होते है और एक गाय का पिछला भाग पवित्र होता है. इसके इलावा एक घोड़े या बकरी का मुँह पवित्र होता है. वही अगर किसी स्त्री की बात की जाएँ तो वह हर जगह से पवित्र होती है. बता दे कि ऐसा हमारा नहीं बल्कि हमारे ऋषि मुनियो का कहना है.
बरहलाल जो लोग ये समझते है कि एक स्त्री अपवित्र होती है, इसलिए उसे मंदिर में जाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए, तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दे कि एक स्त्री ही वो प्राणी है, जो दुनिया का चक्र आगे चलाती है. एक स्त्री ही वो प्राणी है जो नए जीव को जन्म देती है और उस नए जीव को दुनिया में आने का सौभाग्य मिलता है. एक स्त्री ही वो प्राणी है जो हर दुःख सह कर भी कभी नहीं रूकती. अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो स्त्री का केवल एक नहीं बल्कि हर भाग पवित्र होता है.
इसका एक उदाहरण भी हम आपके सामने पेश करना चाहते है. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि केरल में स्त्री की पूजा की जाती है. जी हां वहां एक माँ, बहन और लक्ष्मी के रूप में स्त्री की पूजा की जाती है. केवल इतना ही नहीं इसके इलावा वहां एक पति अपनी पत्नी के पैर तक छूता है और उसे इसमें जरा सी भी शर्मिंदगी महसूस नहीं होती है. जब कि हमारे देश में ऐसा करना पाप और गलत माना जाता है. यही वजह है कि केरल को ईश्वर का अपना स्थान माना जाता है. वैसे भी भगवान् ऐसी जगह वास क्यों नहीं करेंगे जहाँ स्त्रियों को इतना सम्मान दिया जाता है.

बरहलाल अगर आप हमारे विचारो से सहमत है तो स्त्री का सम्मान करे और उसे कभी अपवित्र न माने.

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