करीमन मियां को कब्रिस्तान में नहीं मिली जगह, परिजनों ने घर के पास किया दफन

झारखंड के गढ़वा जिला में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आयी है. भवनाथपुर थाना क्षेत्र के मकरी गांव में करीमन मियां का शव 48 घंटे तक पड़ा रहा. समाज के लोगों ने मिट्टी देने से इन्कार कर दिया. अंत में थक-हारकर करीमन मियां के गोतिया और गांव के कुछ हिंदू परिवार के लोगों ने मिलकर करीमन मियां के घर के पास उनकी ही जमीन में उन्हें दफन  कर दिया. मुस्लिम समाज का कोई भी व्यक्ति करीमन मियां के जनाजे में शामिल नहीं हुआ उनके जनाजे की नमाज भी नहीं पढ़ी गयी. 
उनके समाज के लोगों ने कहा कि करीमन मियां ने गैर-इस्लामिक काम किया था. इसलिए उनको कब्रिस्तान में वे मिट्टी नहीं देंगे. कोई उनके जनाजे में भी शामिल नहीं होगा. गुरुवार को बैठक में हुए इस फैसले के बाद करीमन मियां के गोतिया और गांव के कुछ हिंदू परिवार के लोगों ने उनकी ही जमीन में उन्हें दफन कर दिया. समाज के लोगों की गुरुवार को बैठक हुई थी. इसमें कहा गया कि करीमन मियां हिंदू रीति-रिवाज से झाड़-फूंक करते थे. यह शरीया कानून के खिलाफ है. 

चूंकि उन्होंने गैर-इस्लामिक काम किया है, इसलिए करीमन मियां को गांव-समाज के लोग मिट्टी नहीं देंगे. इससे करीमन मियां के करीबी रिश्तेदार बेहद दुखी थे. बाद में लोगों ने करीमन मियां के घर के पास उनकी ही जमीन में उन्हें दफन कर दिया. उल्लेखनीय है कि करीमन मियां की कोई संतान नहीं है. उनकी पत्नी का पहले ही इंतकाल हो चुका है और अब करीमन मियां भी इस दुनिया में नहीं रहे. करीमन मियां के साथ समाज के इस बर्ताव से उनके करीबी रिश्तेदार तो दुखी हैं ही, गांव के लोग भी बेहद निराश हैं.
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