बहु के बताने पर पहुंचा जोगी के बंगला तो वहां पर लटक रहा था भाई और फिर...

जोगी के बंगले में कर्मचारी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में मृतक संतोष के भाई कृष्णकुमार कौशिक ने बताया कि शाम करीब 4 बजे उसे बहु कविता ने संतोष से मोबाइल पर बात होने और संतोष पर अन्य कर्मचारियों द्वारा चोरी का आरोप लगाने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर कृष्णा मरवाही सदन पहुंचा, जहां उसे भाई की लाश फांसी के फंदे पर मिली। कृष्णा ने मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
बहन से बात करने के बाद संतोष जिला न्यायालय परिसर से सीधे मरवाही सदन पहुंचा। यहां दरवाजे पर तैनात नगर सैनिक दीपक कश्यप से उसने संतोष सं मिलने की बात कही। दीपक व मरवाही सदन के अन्य कर्मचारियों ने उसे बताया कि संतोष से पूछताछ हो रही है। उसने दीपक को संतोष से मिलने नहीं दिया और भगा दिया। कुछ देर के बाद उसे पता चला कि उसके जीजा ने फांसी लगा ली है।

घटना के बाद पुलिस और मीडिया कर्मियों के पहुंचने के बाद नगर सैनिक दीपक कश्यप ने पुलिस को बताया कि उसने संतोष को सीढिय़ों से रस्सी लेकर चढ़ते हुए देखा था। इसके बाद वह चाय पीने की जानकारी देकर निकल गया और लौटकर नहीं आया।वहीं कम्प्यूटर आपरेटर ने बताया कि शाम करीब 4बजे उसे काम वाली बाई बिसाहीन ने संतोष के नहीं दिखने की बात पूछी थी। 

वहीं बिसाहीन बाई ने बताया कि वह सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक घर के अंदर सफाई व अन्य काम में व्यस्त थी। शाम करीब साढ़े4 बजे वह कम्प्यूटर आपरेटर के सामथ संतोष को ढूंढने गई तो शेड से फांसी के फंदे पर संतोष की फांसी पर लाश दिखी। उसने व अंचल ने संतोष के फांसी लगाने के कारण और चोरी के आरोप लगाए जाने की बात पर अनभिज्ञता जाहिर की।
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