सूर्यदेव को जल चढ़ाते समय पानी के लौटे में डाल ले ये ख़ास चीज, मौत छू भी नहीं पाएगी

हिन्दू धर्म में सूर्यदेव को अधिक महत्त्व दिया गया हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि जो व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत सूर्यदेव को जल चढ़ा कर करता हैं उसे जीवन में कभी भी हार का मुख नहीं देखना पड़ता हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जब भगवान विष्णु ने धरती पर राम अवतार लिया था तो वे भी रोज सुबह सूर्य को जल चढ़ाया करते थे. नतीजा यह निकला कि रावण की लाख कोशिशो के बाद भी वो राम भगवान का बाल भी बाका नहीं कर पाया.
यमराज सूर्यदेव के पुत्र हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि जो व्यक्ति सूर्य को प्रसन्न कर देता हैं समझो उसने यमदेव को भी प्रसन्न कर दिया. आपमें से कई लोग रोज सुबह सूर्य को जल अवश्य चढ़ाते होंगे. लेकिन पूर्ण विधि और सही नियमो से जल बहुत कम लोग चढ़ाते हैं. आज हम आपको सूर्यदेव को विधिवध जल चढ़ाने की सही तरीका बताएंगे. साथ ही हम आपको एक ऐसा राज बताएंगे जो बहुत कम लोगो को पता हैं. सूर्य को चढ़ाने वाले जल में यदि आप एक ख़ास चीज मिला देंगे तो सूर्य पुत्र यमराज आप से इतने प्रसन्न हो जाएंगे कि कोई भी दुर्घटना या बीमारी से होने वाली मौत आपके आस पास भी नहीं भटकेगी.

सूर्यदेव को जल चढ़ाने का सही तरीका

सबसे पहले सूर्य उदय होने के पूर्व उठकर स्नान कर ले. इसके बाद जैसे ही सूर्य उदय होने लगे उनके आगे एक दीप प्रज्वलित करें. इस दीप को प्रज्वलित करते समय आप अपने दिल की कोई भी मनोकामना बोल सकते हैं. इसके बाद एक ताम्बे के लौटे में शुद्ध जल डाल कर पूर्व दिशा की ओर मुख कर खड़े हो जाए और जल चढ़ाते हुए  “ऊं सूर्याय नम:” मंत्र का कम से कम तीन बार जाप करे. जल चढ़ाने के बाद जमीन पर माथा टेक कर सूर्यदेव का आशीर्वाद ले.

जल में मिला दे ये ख़ास चीज तो मौत भागेगी दूर

चलिए अब आपको मौत को चकमा देने का एक चमत्कारी टोटका बताते है. आप जिस जल को सूर्यदेव को चढ़ाने वाले हैं उसके अन्दर यमुना नदी के जल की 2-3 बुँदे डाल दे. जिन लोगो को जानकारी नहीं हैं उन्हें बता दे कि यमुना सूर्य की पुत्री और यमराज की बहन हैं. जब आप जल पात्र में यमुना नदी के जल को मिला कर सूर्यदेव को अर्पण करते हैं तो इस से यमराज बड़े प्रसन्न होते हैं और आपको दीर्घायु का वरदान देते हैं.
इसलिए आपका जब भी यमुना नदी जाना हो तो वहां से एक बोतल में यमुना के जल को भर के ले आए. बाद में इस जल की कुछ बुँदे हर बार सूर्य को चढ़ाए जाने वाले जल में मिला दे. यह उपाय करने से बीमारी या दुर्घटना से होने वाली अकास्मित मौत का खतरा टल जाता हैं.
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