भारत सरकार के संयुक्‍त प्रयास से भारतीय ई-कॉमर्स बजार पोर्टल की लॉन्चिंग जल्‍द: कैट

कोरोना वायरस की महामारी और लॉकडाउन के  दौरान देशवासियों को जरूरी सामान मुहैया कराने की चुनौती को देखते हुए एक राष्‍ट्रीय ई-कॉमर्स पोर्टल लॉन्‍च करने का निर्णय  लिया  गया है। ये पोर्टल केंद्र सरकार  के वाणिज्य मंत्रालय के डीपीआईआईटी विभाग और कारोबारियों के शीर्ष संगठन कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के साथ मिलकर करेगा। इस बात की जानकारी कैट के राष्‍ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने शुक्रवार को दी। 
प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि इस राष्ट्रीय अभियान में डीपीआइआइटी एवं कैट  के अलावा अन्य प्रमोटर स्टार्टअप इंडिया, इन्वेस्ट इंडिया, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन और अवाना कैपिटल हैं। इस ई-कॉमर्स को दुनिया  का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स बाजार बनाया जाएगा, जिसमें देश के लगभग 7 करोड़ व्यापारियों को जोड़ने का लक्ष्य होगा। इस प्‍लेटफॉर्म पर निर्माता, वितरक, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता और उपभोक्ताओं की विस्तृत श्रृंखला शामिल होगी। 
खंडेलवाल ने बताया कि डीपीआईआईटी के तहत स्टार्टअप इंडिया ने अपने इस पोर्टल पर वर्तमान में व्यापार के लगभग 54 विभिन्न वर्गों में से एक उपयुक्त प्रौद्योगिकी सक्षम समाधान वाले स्टार्टअप्स और इच्छुक उद्यमियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक व्यक्ति प्रस्ताव को ekiranasupply@gmail.com पर भेज सकते हैं। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 1800115565 पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक भी संपर्क कर सकते हैं।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि ई-कॉमर्स राष्ट्रीय बाजार की कल्पना और डिजाइन पहले ही की जा चुकी है और वर्तमान कोविड-19 संकट के तहत इस राष्ट्रीय मार्केटप्लेस ने देश के विभिन्न शहरों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने में पहले से ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि दरअसल ये ई-कॉमर्स बाजार व्यापारियों का, व्यापारियों के द्वारा और देश के व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए होगा, जिसमें सरकार के सभी कानूनों और नियमों का अक्षरश: पालन किया जाएगा। ताकि, 130 करोड़ लोगों की जनसंख्या वाले हमारे देश को अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ विश्वसनीय एवं आसानी से सामान उपलब्ध कराने वाले ई-कॉमर्स पोर्टल के रूप में विकसित किया जा सके। 
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