नवरात्रि में माता रानी की अखंड ज्योति का मुख इस दिशा में करे, होगी धन की वर्षा

नवरात्रि के आते ही पुरे देश में हर्षो उल्लास का माहोल पैदा हो जाता हैं. इस दिन हर कोई माता रानी की मूर्ति की स्थापना करता हैं या घर में ही मौजूद माता की प्रतिमा को सजाने धजाने में लग जाता हैं. माँ को नवरात्री के पुरे नौ दिन तेल या घी का दिया लगाया जाता हैं. कई लोग बिना सोचे समझे बस आरती कर यह दिया लगा देते हैं. लेकिन माँ के सामने लगने वाली इस अखंड ज्योति की भी एक ख़ास और सही दिशा होती हैं.
यदि आप नवरात्री की अखंड ज्योति को सही दिशा में लगाते हो तो आपके घर बरकत होती हैं और ग्रहों की बुरी कृपा भी हट जाती हैं. तो चलिए जाने नवरात्री में दिया लगाते समय आपको कौन कौन सी सावधानियां रखनी होगी.

नवरात्री  में अखंड ज्योति लगाने के नियम

  • माता रानी के सामने दिया लगाने से पहले आपके घर के मंदिर की अच्छे से साफ़ सफाई कर ले. हो सके तो मंदिर की दीवारों को आध्यात्म रंग जैसे नारंगी, पिला या हरा से पेंट करवा ले. ध्यान रहे मंदिर के आस पास काले या भूरे रंग की कोई भी चीज ना हो. यह रंग अशुभ माने जाते हैं.
  • माता का मंदिर इसान कोण यानी कि उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए. इसी दिशा में आप माता रानी का कलश भी रखे.
  • पूजा करते समय भक्तों का मुख दक्षिण या पूर्व दिशा में होना चाहिए. आपको बता दे कि पूर्व दिशा शक्ति और सम्रद्धि का प्रतिक मानी जाती हैं. इसलिए इस ओर मुख कर पूजा करने से घर में बरकत आती हैं. वहीँ दक्षिण दिशा में मुख कर पूजा करने से मानसिक शांति मिलती हैं और हर तरह के रोग ठीक हो जाते हैं.
  • अखंड द्वीप को नवरात्री में दक्षिण पूर्व दिशा में रखना शुभ होता हैं. ऐसा करने से शत्रुओं का नाश होता हैं और घर में सुख सम्रद्धि आती हैं. साथ ही आप इस अखंड ज्योति को जलाने के लिए तेल या घी का इस्तेमाल कर सकते हैं. वैसे तो घी का दिया तेल की बजाए ज्यादा शुभ होता हैं लेकिन यदि को भक्त नौ दिनों तक घी का खर्चा वहन नहीं कर सकता हैं तो वो तेल का दिया भी लगा सकता हैं.
  • एक बात हमेशा याद रखना दोस्तों, माता रानी की अखंड ज्योति जिस कमरे में जल रही हो उस कमरे में सकारात्मक वातारण होना चाहिए. यानी घर की लड़ाई झगड़े और बुरी बाते अखंड ज्योति के आस पास भूल कर भी नहीं होनी चाहिए.
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