पूर्वांचल में रेलवे ठेकों को लेकर फिर शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई....

पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल कार्यालय और डीरेका से जुड़े ठेकों पर पूर्वांचल का एक माफिया सिंडिकेट अपना एकाधिकार चाहता है। सिंडिकेट का पूरा प्रयास यह रहता है कि बनारस और आसपास के जिलों में रेलवे के जो भी ठेके निकलें, उस पर उससे जुड़े लोगों का वर्चस्व हो। मामला एसएसपी की जानकारी में आया तो वह पुलिस की विशेष टीम गठित कर जांच करा रहे हैं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर माफिया सिंडिकेट और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रेलवे के ठेकों में माफिया सिंडिकेट के वर्चस्व को लेकर एसएसपी से शिकायत की गई थी।
एसएसपी को बताया गया कि पूर्वांचल के एक चर्चित माफिया सिंडिकेट से जुड़े लोग टेंडर का फार्म भरने से मना करते हैं। बात न मानने पर धमकाया गया है। सिंडिकेट की बात नहीं मानी गई तो ठेके से जुड़े काम कराने में अड़चनें पैदा की गई। इस संबंध में सोमवार को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि शिकायत के आधार पर सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कर उसमें रंगदारी की धारा बढ़ाई गई है। प्रकरण की जांच कराई जा रही है और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। तैयार की जा रही कुंडली, गैंगेस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई। 

जरायम की दुनिया के दबदबे के दम पर रेलवे के साथ ही पीडब्ल्यूडी के ठेकों, रियल इस्टेट, मोबाइल टावरों में डीजल आपूर्ति और वाहन स्टैंडों तक से प्रत्येक महीने लाखों-करोड़ों का वारान्यारा करने वाले माफिया सिंडिकेट की कुंडली तैयार की जा रही है। इसमें उन बदमाशों को भी शामिल किया जा रहा है जो गिरोह बना कर व्यापारियों से रंगदारी वसूलते हैं। पुलिस के अनुसार, पर्याप्त साक्ष्य जुटा कर ऐसे लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इनमें से जो जेल में निरुद्ध हैं, उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की जमानत अर्जी निरस्त कराने के लिए अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी की जा रही है।
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