डूबने से तीन मासूमों की मृत्यु के मामला, मां ने ही बच्चों को धक्का देकर नदी में गिरा दिया, खुद भी कूद गयी

मीनापुर थाने की रानीखैरा पंचायत के शीतलपट्टी गांव में तीन बच्चों की डूबने से हुई मृत्यु के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस का कहना है कि मां रीना देवी ने अपने बच्चों को बागमती की उपधारा में धक्का देकर गिरा दिया और खुद भी कूद गयी। इससे तीन बच्चों की मृत्यु हो गयी। जबकि रीना और उसकी बेटी राधा को लोगों ने सुरक्षित बचा लिया।
गुरुवार की देर रात रीना के विरुद्ध पति शत्रुघ्न राम के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गयी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले पांच घंटे की पूछताछ के बाद शत्रुघ्न ने पत्नी के साथ विवाद की बात मंजूर कर लिया। शीतलपट्टी में तीन बच्चों- ज्योति राजकुमार और अर्जुन की मृत्यु मंगलवार को डूबने से हो गयी थी। पहले यह खबर आयी थी कि कपड़ा धो रही औरत अपने बच्चों को बचाने के लिए नदी में कूद गयी थी। मृत तीन माह के अर्जुन की फोटो वायरल होने के बाद गुरुवार को हरकत में आये प्रशासन ने जांच प्रारम्भ की।
मृत्यु के मुंह से बाहर निकली आठ वर्षीय राधा कुमारी ने पुलिस को बताया है कि घटना के एक घंटे पहले पापा का फोन पर मां से विवाद हुआ था। इसके बाद मां ने सबको नदी में डूबा दिया। सीओ व अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद डीएम आलोक रंजन घोष ने स्पष्ट कहा है कि अब यह बाढ़ में डूबने का मामला नहीं है। यह बिल्कुल आपराधिक मामला है। इसमें बच्चों की हत्या की गयी है। इसमें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया जायेगा। साथ ही जांच के लिए टीम गठित कर दी गयी है। इसी आधार पर कार्रवाई होगी। इस बीच, डीएसपी पूर्वी गौरव पांडेय व सिवाइपट्टी थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने गांव में पहुंच कर मामले की जांच की।

मां रीना देवी कब्जे में, प्राथमिकी दर्ज, पैसे को लेकर पति से फोन पर हुई थी पत्नी की बकझक
पुलिस के मुताबिक, बच्चे के पिता शत्रुघ्न राम पंजाब में मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी को टीबी की बीमारी है। शत्रुघ्न बेटे की छठ्ठी में आया था। उसे पंजाब गये दो महीनों से कम हुआ है। पत्नी के उपचार में दो लाख से अधिक कर्ज है। उसने गांव व के अलावा बहन से भी कर्ज ले रखा है। बाहर से कमाकर पैसा भेजा था। उस पैसे में से कर्जदार को लौटाने के लिए बोला था। इसी को लेकर फोन पर तीखी नोकझोक हुई थी।

मां बोली : चारों बउआ के बैठा के कपड़ा साफ करे लगली
मां रीना देवी ने कहा है कि चारों बच्चों को नदी किनारे बैठा दिये थे। पेट खराब रहने के वजह से बच्चा का कपड़ा खराब हो गया था। इस वजह से कपड़ा धोने चली गयी। इसके बाद कुछ याद नहीं है। पिता शत्रुघ्न राम ने कहा है कि उसका पत्नी से कोई विवाद नहीं था। उसे घटना की जानकारी मिली तो वह पंजाब से एसकेएमसीएच पहुंचा।
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