कुदरत का करिश्मा या चमत्कार, पानी कम होते ही दिखने लगे ढेर सारे शिवलिंग

इस संसार में हमेशा कुछ ना कुचनाया होता रहता है जिसपर कभी हम भरोसा करते है कभी नहीं करते है। आदिकाल से हम बहुत सी कथा-कहिनियाँ सुनते आ रहे है, कभी रामायण की कभी महाभारत की और कई ऐसे तथ्य आज भी मौजूद है जो इनकी सत्यता का प्रमाद देते है। बताना चाहेंगे की हमारे देश में देवी देवताओ के लिए बहुत ही विशेष जगह बनी हुई है जिस वजह से हम पत्थर में भी भगवान को महसूस कर उनकी पुजा करते है।
भगवान से जुड़े कुछ ऐसे चमत्कार आज भी कहीं ना कहीं देखने को मिल ही जाया करते है, जैसे आज हम आपको कर्नाटक में स्थित एक ऐसी जगह बताने जा रहे हैं जहां कुदरत ने स्वयं ही हज़ारों शिवलिंग के दर्शन करा दिए है। असल कर्नाटक में स्थित इस नदी का पानी काफी ज्यादा था मगर जैसे ही यह सूखा वैसे ही वहाँ ऐसा नजारा देखने को मिला जिसकी शायद ही किसी ने कल्पना की होगी।
आपको बता दे की पानी के छिछले होते ही नंदी के तल में बने हज़ारों शिवलिंग सामने आ गए जिसके बाद लोगों ने इन हजारों शिवलिंग मिलने के कारण इस जगह का नाम सहस्रलिंग रख दिया। बताना चाहेंगे की आज के समय में सहस्रलिंग एक बहुत ही माननीय धार्मिक स्थल बन चूका है। यदि आप ध्यान से देखेंगे तो आप पाएंगे की तकरीबन हर पत्थर ‘नंदी’ के आकार का बना हुआ है, जिसपर शिवलिंग विराजमान है।

बताना चाहेंगे की यहाँ शिवलिंग के साथ-साथ नंदी भी बने हुए हैै। ऐसा माना जा रहा है की इस जगह पर कई वर्षों से शिव की पूजा की जा रही हो, जैसे सतयुग में ऋषि मुनि खुद शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा किया करते थे। यह विचित्र और अद्भुत जगह कर्नाटक के सिरसी में स्थित है जहां नंदी के ऊपर कई तरह की अलग-अलग कलाकृतिया बनी अंकित है। बता दे की कही पर नंदी की कलाकृति उभरी हुई है तो कही शिव की छाप बनी है।

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