जंगल के रास्ते धान की हो रही है तस्करी, पुलिस ने बढ़ा दिया है अपना गश्त

धान तस्करों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने जैसे ही सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकेबंदी करते हुए तस्करों पर लगाम कसना शुरू किया,तो तस्करों ने भी तस्करी करने के लिए अंदरूनी रास्तों के साथ ही जंगल के रास्तों को चुनकर उसी रास्तों से धान की तस्करी को अंजाम देना शुरू कर दिया। इसी क्रम में प्रशासन ने भी तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए उन्हीं के तरीकों से काम करते हुए अंदरूनी और जंगली रास्तों में गस्त बढ़ा दी। 
पुलिस की इसी सक्रियता और गस्त के चलते शनिवार देर रात पुलिस ने अवैध परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को 50 कट्टा धान के साथ पकड़ा। संबंधित ट्रैक्टर चालक दाबरीभाठा के जंगल के रास्ते से होते हुए धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की तैयारी में था। ऐसे में पुलिस की लगातार सक्रियता से तस्कर अपने मंसूबे पर कामयाब नहीं हो सका। मामले में थाना प्रभारी सत्येन्द्र सिंह श्याम ने बताया कि तस्करी में जप्त ट्रैक्टर के साथ ही धान को जप्त करते हुए उसे थाना लाकर अग्रिम कार्रवाई की गई है। 

चार वाहनों पर हो चुकी कार्रवाई

धान खरीदी शुरू होने के बाद राजस्व के साथ ही खाद्य और पुलिस प्रशासन धान तस्करों पर लगाम कसने के लिए बहुत ज्यादा गंभीर है। थाना प्रभारी सत्येन्द्र सिंह श्याम ने बताया कि अब तक राजस्व और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध परिवहन कर रहे चार वाहनों को ओडि़शा के धान के साथ जब्त किया गया है। वहीं अमलीपदर में शनिवार देर शाम हुई कार्रवाई में पुलिस ने 498 कट्टा धान के साथ ट्रक को जब्त किया है। 

इस पूरे मामले में यहां बताना लाजमी होगा कि जिले के कलेक्टर, एसपी के साथ ही पूरे अधिकारी वर्ग धान तस्करों पर लगाम लगाने के लिए दौरा और छापेमारी कर रहे है। घर-घर जाकर पंचायत सचिवों के माध्यम से सत्यापन करवाया जा रहा है। वहीं गत वर्षों की तरह जैसे देवभोग अंचल में बोगस रकबे में धान को खपाने का काला खेल जोरों पर चलता था। इस बार कलेक्टर श्याम धावड़े के निर्देंश पर हुई कार्रवाई से इस तरह के बोगस रकबे को गिरदावरी के दौरान समाप्त करने का काम भी बखूबी प्रशासन ने किया था।
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