बारिश की तरह बरसती है टिड्डी, कुछ ही मिनटों में पूरा खेत साफ

सीमावर्ती गांवों में सरहद पार कर आ रहे करोड़ों की संख्या वाले टिड्डियों के दर्जनों झुंड लगातार तबाही मचा रहे हैं। यहां बरिश की तरह बरस रही टिड्डियां कुछ ही मिनटों में लहलहाते खेतों का सफाया कर रहे हैं। टिड्डियों के इन दलों को सरकार का कोई सिस्टम नहीं रोक पा रहा है। एक के बाद एक गांवों व खेतों में लगातार कहर जारी है। गुरुवार को कई गांवों में जीरा, ईसबगोल, अरण्डी, रायड़ा, गेहूं, मैथी सहित रबी की फसलें टिड्डियां चट कर रही हैं। बुधवार शाम से राजस्वमंत्री हरीश चौधरी हालात का जायजा लेने प्रशासन व टिड्डी नियंत्रण दलों की मॉनिटरिंग करने सेड़वा सहित आसपास के गांवों में डेरा डाले हुए रहे।
वहीं वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री सुखराम बिश्नोई भी गुरुवार तड़के यहां पहुंचे। वहीं विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व राज्यमंत्री गफूर अहमद भी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। सेड़वा, ढेम्बा, पूंजासर, सालारिया, सिहार, एहसान का तला, मांझी का तला, भंवार, विसासर, हरपालिया, सारला, जाटों का बेरा, ईटादा, इटादिया, मिठे का तला, बुरहान का तला सहित आसपास के कई गांवों के किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

छिड़काव के कुछ देर बाद भरी उड़ान

किसानों के अनुसार गुरुवार तड़के कई गांवों में टिड्डियों के पड़ाव क्षेत्रों में कीटनाशक का स्प्रे किया गया, लेकिन सूरज निकलने के कुछ ही घंटे बाद टिड्डियों ने उड़ान भर ली। इन पर कीटनाशक बेअसर साबित हो रहा है। टिड्डियों के झुंड सेड़वा के सरहदी क्षेत्रों में वेडिया, गांधव के पास होते हुए सांचौर व गुजरात पहुंच गए। वहीं गडरारोड के बाद रामसर, सेतराऊ, गंगाला से चौहटन आगौर से बिसारनिया, धनाऊ, मीठीनाड़ी, सुरते की ढाणी, सांवा आदि गांवों में पहुंची।
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