भूल कर भी घर में न लाएं गणपति जी की ऐसी मूर्तियां !



ये तो सब जानते है, कि कल से गणेश चतुर्थी का उत्स्व शुरू होने वाला है. ऐसे में हर कोई अपने घर बप्पा को विराजमान करने के लिए तैयार है. अब यूँ तो गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, यानि कष्टों का विनाश करने वाला माना जाता है. पर फिर भी शास्त्रों के अनुसार गणेश जी की ऐसी बहुत सी मूर्तियां है जिन्हे घर में विराजमान नहीं करना चाहिए. जी हां आज हम आपको बताएंगे कि गणेश जी की किस प्रकार की मूर्ति को घर में विराजमान करना अशुभ माना जाता है.
गौरतलब है, कि गणेश जी की बिना मुकुट वाली मूर्ति घर में कभी विराजमान न करे. जी हां अगर आप गणेश जी की बिना मुकुट वाली मूर्ति घर में लाएंगे, तो इसे गणेश जी का अपमान माना जाता है. इसलिए भूल कर भी ऐसी गलती न करे. इसके इलावा गणेश जी की खड़ी हुई मूर्ति कभी विराजमान न करे. वो इसलिए क्यूकि हम गणेश जी को डेढ़ या पांच दिन के लिए अपने घर में लाते है और ऐसे में इतने दिनों तक गणेश जी को खड़े रखना अपशकुन माना जाता है.
बता दे कि जिस मूर्ति में गणेश जी के साथ शिव और पार्वती जी भी मौजूद हो वो मूर्ति घर में न लाये. दरअसल जब आप ऐसी मूर्ति घर में लाते है और गणेश उत्स्व पर गणेश जी की पूजा कर भगवान् शिव और पार्वती जी को नजरअंदाज करते है तो इसे उनका अपमान समझा जाता है. इसलिए गणेश चतुर्थी के अवसर पर केवल गणेश जी की मूर्ति ही लानी चाहिए. इसके इलावा जिस मूर्ति में गणेश जी फूल पर या गरुड़ पर बैठे हो तो ऐसी मूर्ति भी घर में न लाये. इसे भी अच्छा शगुन नहीं माना जाता.

गौरतलब है, कि गणेश जी की बिना मूषक वाली मूर्ति तो कभी घर में ना लाएं, क्यूकि मूषक महाराज तो गणेश जी के वाहन है और गणेश जी की मूर्ति में उनका होना बहुत महत्व रखता है. इसे बेहद अशुभ माना जाता है. अगर सीधे शब्दों में कहे तो मूषक के बिना गणेश जी कभी आपके घर में विराजमान नहीं करेंगे. बरहलाल गणपति जी को घर में लाते समय इन सब बातों का खास ध्यान रखे, ये आपके लिए ही शुभ रहेगा.

Previous Post Next Post

.