भारतीय वायुसेना 'हर काम-देश के नाम' मूलमंत्र के साथ लड़ रही है कोरोना से जंग



भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने 'हर काम-देश के नाम' मूलमंत्र के साथ कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई और तेज कर दी है। इस दौरान भारतीय वायुसेना देश के अंदर दवाओं और राशन की आपूर्ति करने का अभियान छेड़े है, ताकि राज्य सरकारें और सहायक एजेंसियां इस जानलेवा वायरस के खिलाफ अपनी जंग और मजबूत कर सकें। 

मंगलवार को केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने लॉकडाउन के दौरान देशभर में जरूरी संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करने में लगी भारतीय वायु सेना की प्रतिबद्धता को सलाम किया है। उन्होंने कहा कि वायुसेना की जीवटता तथा निरंतर सेवा के जज्बे पर सभी को गर्व है।

भारतीय वायुसेना का कार्गो विमान 25 अप्रैल को मिजोरम के लेंगपुई हवाई अड्डे पर 22 टन चिकित्सा सामग्री के साथ पहुंचा। मिज़ोरम और मेघालय की सरकारों के लिए यह आपूर्ति की गई। भारतीय वायुसेना ने अब तक लगभग 600 टन चिकित्सा उपकरण और सहायक सामग्री पहुंचाई है। इसी तरह कुवैत सरकार के अनुरोध पर 11 अप्रैल को सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) रैपिड रिस्पांस की 15 सदस्यीय टीम को कुवैत भेजा गया। काम खत्म होने के बाद इस टीम को 25 अप्रैल को भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान द्वारा कुवैत से वापस लाया गया। वापसी के दौरान कैंसर से पीड़ित छह वर्षीय एक लड़की को उसके पिता के साथ वहां से लाया गया, क्योंकि उस लड़की को तत्काल आपातकालीन सर्जरी की आवश्यकता थी।

कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए भारत सरकार ने सामाजिक दूरी को बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये हैं, जिनका भारतीय वायुसेना अपने कार्य स्थलों पर पालन करते हुए अभियानों को पूरा करने के दौरान प्राथमिकता पर रखती है। जिस तरह पूरा देश इस संक्रमण को रोकने और पराजित करने के लिए बड़ी लड़ाई लड़ रहा है तो भारतीय वायुसेना भी सभी उभरती जरूरतों को पेशेवर तरीके से पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखा रही है।
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