चाणक्‍य के अनुसार, इन वजहों से होता है पुरूषों को सबसे ज्‍यादा दुख, तड़प-तड़प कर बितती है पूरी जिंदगी

हम सभी जानते हैं कि आचार्य चाणक्‍य अपने समय के दार्शनिक थें वहीं हम ये भी जानते हैं कि उन्‍होने अपने ग्रंथ में महिलाओं व पुरूषों के बारे में कई बातें भी बताई है। वहीं आपको बता दें कि उन्‍होंने कुछ ऐसे नियम बताए थे जिन पर अगर अमल करें तो जीवन में सफलता मिलती है और जीवन हंसी खुशी बितता है। यही कारण है कि उनके द्वारा बताए गए निर्देश और नियम आज के जीवन में भी मनुष्य के लिए बिल्कुल सही साबित होते हैं। चाणक्य के अनुसार इन बातों से पुरुषों को सबसे ज्यादा दुख होता है।

पत्नी से दूर होना

आचार्य के अनुसार पत्‍नी से दूर होकर पुरुष हमेशा तड़पता रहता है चाहे किसी भी कारण से उसकी पत्नी दूर हो गई हो तलाक या मृत्यु कोई भी कारण हो हर स्थिती में पति इस वियोग से मानसिक रूप से जीवनभर परेशान रहता है।

परिवार के लोगों का बुरा व्‍यवहार

आचार्य के अनुसार सबसे ज्‍यादा दुख पुरुष को तब होता है जब उसके परिवार वाले ही उसके साथ बुरा व्‍यवहार करते हैं। ऐसे में समाज में मान-सम्मान मिलना बंद हो जाए या दोस्त ही दुश्मन बन जाएं तो ऐसे हालात में कोई भी पुरुष दुखी ही रहता है।

दुश्मन की मदद करना

चाणक्‍य कहते हैं कि दुश्मन चाहे जिस क्षेत्र में हों अगर आप अपने शत्रु की मदद करते हैं और उसे कठीन परिस्थितीयों से बचाते हैं तो ये आपके जीवन की सबसे बड़ी भूल है इसलिए अगर कोई आपका बुरा करे या करना चाहे तो उसकी मदद नहीं करनी चाहिए।

गरीबी

पुरूष हर हालत में जी सकता है लेकिन गरीबी जैसे हालात पुरुष को अंदर से तोड़कर रख देते हैं। जीवन में आर्थितक तंगी एक अभिशाप के जैसे है। अगर पुरुष अपने परिवार और अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा है तो यह उसके लिए बेहद कष्ट देने वाला होता है।

अशिक्षित पुरुष

आचार्य के अनुसार अगर कोई पुरुष अशिक्षित है तो भले ही वह अमीर परिवार में जन्म लिया हो फिर भी उसका जीवन अधूरा ही रहता है।

योग्यता की कमी

अगर किसी पुरुष में योग्‍यता की कमी है तो वो जीवन भर तड़पता रहता है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के अधीन काम कर रहे हैं जो आपसे योग्यता में कम है तो यह आपके लिए ये एक श्राप से कम नहीं होगा।
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