कपड़े की दुकान व मकान और गोदाम में लग गई बहुत ही भारी आग

बिल्हौर कोतवाली के समीप सराफा बाजार में सेठ रोशनलाल की कपड़े की दुकान के ऊपर बने आवासों व गोदाम में आग लग गई। घर की महिलाओं को आग लगने की जानकारी नौकरों ने दी पर जब तक दुकान मालिक कुछ समझ पाते, तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। सेठ रोशन लाल की दुकान में आग लगते ही राहगीर जीटी रोड पर जुट गए, आसपास के लोगों ने आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आग घटने की बजाय बढ़ने लगी। इसके बाद मौके पर पहुंचे इंसपेक्टर, तहसीलदार और एसडीएम बिल्हौर ने जीटी रोड का ट्रैफिक रोका और नगरपालिका से पानी मंगाकर आग बुझाना शुरू किया। 
वहीं, घटना के करीब 45 मिनट बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अफसरों और दुकानदार ने आग लगने में हुए नुकसान की कोई जानकारी नहीं दी। फिलहाल आग लगने के कारणों की जानकारी नहीं हो सकी है। कोतवाली-तहसील परिसर के समीप जीटी रोड पर ही दशकों पुरानी सेठ रोशनलाल गुप्ता की बहुत बड़ी दुकान है, इस दुकान को रामचंद्र गुप्ता, प्रेमप्रकाश गुप्ता और नन्हें भैया गुप्ता व इनके घरों की महिलाओं द्वारा संचालित की जाती है। बड़ी दुकान होने के कारण कई नौकर-कर्मी भी दुकान में रहते हैं, उधर दुकान के ऊपर ही उक्त तीन दुकान संचालकों के आवास और गोदाम भी है। दुकान के ऊपर बने आवासों, भंडारगृह में 25 से अधिक लोग रहते भी हैं।

सोमवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे घर में खाना बनाने आई एक नौकरानी ने दुकान के ऊपर तीसरी मंजिल पर आग लगी होने की जानकारी रामचंद्र और प्रेमप्रकाश को दी, जब तक उक्त दोनों सबमर्सिबल पंप चलाकर आग पर काबू करते, तब तक आग के गुबार उठने लगे। दुकान से आग के गुब्बार उठते देख आसपास के कपड़ा, परचून आदि दुकानदारों में भय फैल गया और सभी अपना सामान समेटने और जान बचाकर भागने की कोशिश करने लगे। मौके पर पहुंचे इंसपेक्टर जनार्दन प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचे दुकानदारों को भरोसा देते हुए आनन-फानन में दमकल को सूचित किया और घटना स्थल के पास लगी भारी भीड़ को हटाकर वाहनों को दूर कराया। 

इसके बाद तहसीलदार अवनीश कुमार और एसडीएम बिल्हौर डा. लक्ष्मी वीएस भी मौके पर पहुंची। घटना के करीब 45 मिनट पर दमकल की दो गाड़ियां पहुंचीं, जिन्होंने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग में दुकान के ऊपर रहने वाले तीनों परिवारों की लाखों के गृहस्थी का सामान सहित लाखों की साड़ियां और कपड़े जलने की बात सामने आई है। वहीं अधिकारियों और दुकानदारों द्वारा आधिकारिक रूप से आग लगने के कारणों और नुकसान का कोई आंकड़ा नहीं बताया गया है। कोतवाली और तहसील से मात्र कुछ कदमों की दूरी पर स्थित सेठ रोशन लाल गुप्ता की कपड़े की दुकान कस्बे में ही नहीं बल्कि इलाके में मशहूर है, लेकिन अग्निशमन अफसरों की अनदेखी और दुकान संचालकों की लापरवाही से दुकान के अंदर आग बुझाने और आपात स्थिति में निकलने के लिए भी उचित इंतजाम नहीं हैं। 

सोमवार को जिस समय कपड़े की दुकान में आग लगी तब तहसील, बैंक आफ बड़ौदा सहित डाकघर से फायर उपकरण मंगाए गए, लेकिन जब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। सेठ रोशन लाल के कपड़े की दुकान में आग लगने के समय आठ से अधिक रसोई गैस सिलिंडर थे, इसके अलावा दुकान संचालकों द्वारा सर्दी के मद्देनजर अलाव के कई छोटे-छोटे सिलिंडर दुकान में ही लगवाए गए थे, आग लगने के फौरन बाद ही समय रहते सभी सिलिंडर को हटवा लिया गया, यदि उक्त सभी सिलिंडर न निकाले जाते तो कपड़े की दुकान-गोदाम पूरे सराफा बाजार को तहस-नहस कर देता।
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