इस श्राद्ध पक्ष में अगर आपको भी मिलते है ये संकेत तो समझ लीजिये खुलने वाली है आपकी किस्मत

शास्त्रों में पितृ ऋण से मुक्ति के लिए यानि श्राद्ध कर्म का वर्णन किया गया है। हर साल भद्रपद शुक्लपक्ष पूर्णिमा से लेकर अश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक के काल को पितृपक्ष या श्राद्ध पक्ष कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार पितरों के लिए किया गया श्राद्ध आपके परिवार के उन मृतकों को तृप्त करता है जो पितृलोक की यात्रा पर हैं। इस तरह अपने पितरों को श्राद्ध के माध्यम से दी गई वस्तु पहुंचती है और वे श्राद्ध करने वाले को आशीर्वाद देते हैं।
अधिकतर लोगों का मानना है की श्राद्ध पक्ष में कोई भी नए काम करने से बचना चाहिए मगर आपको बता दे की जिन लोगों पर पितरो की कृपा होती है, उन्हें नए काम करने से लाभ होता है। ऐसा कहा जाता है की जिन लोगों के अपने माता-पिता से संबंध मधुर होते है और घर में कभी किसी की आकस्मिक मौत न हुई हो तो ऐसे परिवारों पर पिरों की विशेष कृपा बनी हो है साथ ही आपको यह भी बताना चाहेंगे की यदि आपके घर में किसी मृत व्यक्ति को करते ही आपके कामों में आ रही रुकावट दूर हो जाती है तो आप पर पितरों की विशेष कृपा है।
यदि आपको सपने में पूर्वज खुश और आशीर्वाद देते हुए नजर आते है तो समझ लीजिये की यह श्राद्ध पक्ष आपके लिए काफी शुभ है।
साथ ही आपको बताना चाहेंगे की यदि आपका कोई काम लंबे समय से रुका हुआ है या कहीं से अचानक धन की प्राप्ति होती है तो समझ जाइए की यह निश्चित रूप से पीतर कृपा का ही संकेत है। बता दे की अगर आप कोई नया काम शुरू कर रहे है और उसमे आपके बड़ों का सहयोग मिल रहा हो तो समझ लीजिये आप पर पितरों का आशीर्वाद है।

माना जाता है की यदि आपके सपने में कोई साँप आपकी सुरक्षा या सहयोग कर रहा हो तो इसका सीधा अर्थ निकलता है की आपके ऊपर पितरों का बराबर आशीर्वाद बना हुआ है। लोगो के अनुसार ऐसा कहा जाता है की अमावस्या या उसके एक दो रोज पहले या बाद के दिन अक्सर लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है मगर यदि आपको इस समय मुनाफा हो तो समझ लीजिये यह पितरों की कृपा का ही कमाल है।

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