पितृपक्ष में इस दिन खरीदें चांदी का हाथी गजलक्ष्‍मी करेंगी धन की वर्षा

जैसा कि हम सभी जानते हें कि पितृपक्ष का समय चल रहा है और माना जाता है कि इस दौरान कोई भी नया काम या फिर शुभ काम या किसी भी तरह की नई चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। लेकिन इन्‍ही दिनों में एक विशेष दिन भी आता है जिस दिन सोना खरीदने का विशेष महत्‍व है कहा जाता हे कि इन दिन सोना खरीदना बहुत ही लाभप्रद होता है।
दरअसल हम बात कर रहे हैं गजलक्ष्‍मी व्रत की। पितृपक्ष के दौरान एक समय ऐसा अाता है जब मां लक्ष्‍मी हाथी पर सवार होकर आती हैं इसलिए इस दिन उनकी पूजा हाथी सवारी के साथ की जाती है। गजलक्ष्मी यह लक्ष्मी का चार भुजाधारी स्वरूप है। नाम के मुताबिक ही यह गज यानी हाथी पर आठ कमल की पत्तियों के समान आकार वाले सिंहासन पर विराजित होती है।
इनके दोनों ओर भी हाथी खड़े होते हैं। चार हाथों में कमल का फूल, अमृत कलश, बेल और शंख होता हैं। इनकी उपासना “संपत्ति और संतान” देने वाली मानी गई है। गज को वर्षा करने वाले मेघों तथा उर्वरता का भी प्रतीक माना जाता है। गज की सवारी करने के कारण यह उर्वरता तथा समृद्धि की देवी भी हैं। गज लक्ष्मी देवी को राजलक्ष्मी के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इन्हीं की कृपा से राजाओं को धन वैभव और समृद्घि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कई चित्रों, मूर्तियों आदि में लक्ष्मी के स्वरूप पर जल वर्षा करते दो हाथी (नर, मादा) दिखाई देते हैं। इस दिन आप माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र भी रख सकते हैं और कमल के फूल से पूजन करें शुभ होगा। इसके साथ आप चाहे तो सोने-चांदी के सिक्के, मिठाई, फल भी रखें।

इसके बाद माता लक्ष्मी के आठ रूपों की इन मंत्रों ॐ आद्यलक्ष्म्यै नम:, ॐ विद्यालक्ष्म्यै नम:, ॐ सौभाग्यलक्ष्म्यै नम: , ॐ अमृतलक्ष्म्यै नम: , ॐ कामलक्ष्म्यै नम: , ॐ सत्यलक्ष्म्यै नम: , ॐ भोगलक्ष्म्यै नम: , ॐ योगलक्ष्म्यै नम: के साथ धूप दीप दिखाते हुए पूजा करें।

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