श्राद्ध पक्ष के दौरान भूल से भी न करें ये गलती क्‍योंकि ये खोल देती हैं सीधे नर्क के द्वार

हमारे हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व होता है। हर साल की तरह इस साल भी पितृपक्ष का दिन शुरू हो गया है इस बार पितृपक्ष 5 सितंबर से शुरू हो रहा है इस बार 15 दिनों तक नहीं बल्कि 14 दिनों तक चलेगा यानि 19 सितंबर तक। बता दें कि पितृपक्ष में श्राद्ध करने के लिए शास्‍त्रों में कुछ नियम बताया गया है वहीं कुछ चीजें ऐसी भी बताई गइ हैं जिसे अगर ध्‍यान में न रखा जाए तो आपको मौत के बाद नर्क ही नसीब होगा। जी हां इसलिए इन बातों को गलती से भी न करें। क्‍योंकि पितृपक्ष में ऐसी चीजें करने से हमारे पूर्वजों का अनादर होता है।
शास्‍त्रो के अनुसार इस दौरान अपने घर के आसपास गलती से भी किसी भी जानवर या पक्षी को न मारें क्‍योंकि माना जाता है कि इस दौरान हमारे पूर्वज किसी न किसी रुप में हमारे घर में आशिर्वाद देने आते हैं और हम ऐसा करेंगे तो वो हमें बिना आशिर्वाद दिए ही चले जाएंगे। साथ में ये भी ध्‍यान रखें कि इस दौरान आप गलती से भी किसी जानवर या पक्षियों घर से न भगाएं।
शास्‍त्रों के अनुसार श्राद्ध पक्ष के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए क्‍योंकि ये दिन हमारे पूर्वजों को याद करने के लिए होते हैं इसलिए गलमी से भी अपने घर न कोई शुभ कार्य करें और न ही नया सामान लाएं। हो सके तो आप पितृपक्ष के बाद ही कोई भी शुभ काम या फिर नया सामान लाएं।

श्राद्ध पक्ष के दौरान घर की छत पर पानी का कटोरा और अन्न के दाने डाल देना चाहिए आपके ऐसा करने से पक्षियों का खाना-पानी दोनों मिलेगा और हो सकता है उनमें से कोई आपका पूर्वज ही हो जो इस रूप में आपके यहां आया हो।

श्राद्ध पक्ष के दौरान कुछ चीजों का खाना भी मना है जैसे काला नमक, जीरा, खीरा, लौकी, सरसों साग आदि ये सब इन दिनों में नहीं खाने चाहिए। इस दौरान काले तिल को छोड़कर किसी दूसरे तिल का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्‍योंकि श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों को तृपण करने के काले तिल का विशेष महत्व होता है। मांसहार का सेवन तो आप बिल्कुल न करें इससे आपके व्यवसाय या नौकरी में नुकसान हो सकता है।
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