प्रेमिका दोस्‍त के साथ हो गई फरार तो आशिक ने रच डाली ऐसी खतरनाक शाजिश, जानिए...

इश्‍क का बुखार कुछ ऐसा ही होता है कि आदमी को कुछ भी नहीं सूझता। कुछ एेसा ही मामला मऊ जिले में सामने आया। बेवफा प्रेमिका जब धोखेबाज दोस्त के साथ चली गई तो इससे चोट खाए सिरफिरे आशिक ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए बड़ा हादसा कर डालने की मंशा से रेल की पटरी काट डाली और फरार दोस्त की तरफ से प्रेमिका को उसकी जान की आफत बताते हुए सुरक्षित बरामद कराने के लिए चिटिठयां लिखकर वहां छोड़ दिया। 
उसकी योजना थी कि इससे पुलिस का ध्यान उसके फरार दोस्त की तरफ जाएगा और पुलिस पूरा जोर लगाकर उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लेगी तथा उसकी प्रेमिका को बरामद कर लेगी। इस तरह वे दोनों फिर मिल जाएंगे। अपनी अधूरी मुहब्बत को अंजाम तक पहुुंचाने के लिए सिरफिरे आशिक ने ट्रेन हादसे को अंजाम दिलाने की भयावह साजिश रच डाली। खैर, सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसे 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पकड़ में आते ही उसने सारी कहानी बयां कर दी। उसकी निशानदेही पर रेल की पटरी काटने में प्रयुक्त सामानों को भी बरामद कर लिया गया। पकड़ा गया सिरफिरा बलिया जनपद के नगरा थाना क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव का निवासी चंदन कुमार है। 
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने शुक्रवार शाम एक प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि चंदन के मुताबिक उसका अपने गांव की एक युवती से गत छह वर्षों से संबंध था। बीते 24 दिसंबर को अपने मौसी के घर जाने के लिए निकली उसकी प्रेमिका उसके दोस्त अंशू गोंड उर्फ राजा के साथ कहीं चली गई। इससे परेशान होकर उसने प्रेमिका और अपने दोस्त को पकड़वाने की साजिश रची। कुछ ऐसा करना चाहता था जिससे पुलिस प्रशासन काफी दबाव में आकर तत्काल उसके दोस्त और प्रेमिका की तलाश में लग जाए। इसलिए उसने बलिया जनपद के रसड़ा थानांतर्गत छितैनी निवासी गैस विक्रेता उपेंद्र सिंह से मिलकर अपना मकसद बताया। 

उससे आक्सीजन सिलेंडर, रेगुलेटर, गैसमापी मीटर, एलपीजी गैस सिलेंडर, गैस कटर किराए पर लेकर आया और रात में मौका देखकर सारे सामान मोटरसाइकिल पर रखकर कुड़सर के रास्ते धर्मागतपुर पहुंचा। वहां सुनसान जगह देखकर रात 12 बजे रेल की पटरी काट दिया। काटने में उसे लगभग एक घंटे का समय लगा। इसके बाद वहां खत छोड़कर सारे सामान अपने लिए गए एक किराए के कमरे पर रख दिया। वहां से रसड़ा स्टेशन जाकर लखनऊ जाने की टिकट लिया मगर लखनऊ नहीं गया। आसपास रहकर अपने कारनामे की प्रतिक्रिया जानने के मकसद से रुका रहा। पुलिस ने शुक्रवार को सर्विलांस की मदद से दिन में 11.15 बजे उसे पकड़ लिया। पुलिस अधीक्षक ने पकडऩे वाली टीम को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया। इस काम में पुलिस अधीक्षक बलिया व जीआरपी गोरखपुर का सराहनीय योगदान बताया।
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