कोरोना से बचाव में योग और आयुर्वेदिक चिकित्सा कारगर : डॉ चिदानंद मूर्ति


भारत में वैश्विक महामारी से बचाव के लिए सबसे कारगर तरीका योग और आयुर्वेदिक चिकित्सा है। यह कहना है उत्तर और दक्षिण भारत में  योग व चिकित्सा पद्धति पर 44 साल बिता चुके बेंगलुरू से डॉ बी.टी. चिदानंद मूर्ति का।

इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आईएनओ) और सूर्या फाउण्डेशन की ओर से सोशल मीडिया के फेसबुक ऐप के जरिए लाइव वार्ता में डॉ. मूर्ति ने सोमवार को कोविड-19 व प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में लोगों को परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचने के सबसे पहले हर 30 मिनट में गरम पानी का सेवन करें ताकि गले या अंदर पहुंचने तक कोविड वायरस मर जाए। उन्होंने चिकित्सा पद्धित के बारे में लोगों को ऑर्गेनिक आहर लेने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि आयरनफूड जैसे सेब, खजूर, अंगूर आदि का सेवन करें। जिंक बढ़ाने के लिए पपीता का बीज और वाटरमेलन के बीज का उपयोग करें। विटामिन-सी के लिए नींबू, आंवला और संतरा का उपयोग करें। दिन में एक बार कच्चा आहार का सेवन करना जरूर है। साथ ही सालाद में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूज के साथ और नारियल जैसे पानी दार फलों का अधिक उपयोग करें। इसके अलावा अगर अमीनो एसिड को बढ़ाने के लिए आप अंकुरित आहार का सेवन दिन में कम से कम एक बार जरूर करें। ओमेगा थ्री को मजबूत करने के लिए अलसी का बीज और फिश ऑयल का उपयोग कर सकते हैं। 

डॉ मूर्ति ने वैश्विक महामारी की कमर को तोड़ने के लिए सबसे बेहतर और सरल उपाय तुलसी का काढ़ा बताया। इसमें बीस तुसली का पत्ता, काली मिर्च, 5 ग्राम हल्दी और 10 ग्राम अदरक के साथ काला गुड़ या शहद डालकर पियें ताकि आपका गला साफ रहे।

योग क्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि.ओमान धौती, जलनेती और कपालभाति रोजाना करना होगा। सिम्हासन क्रिया एक दिन करीब 21 बार करना चाहिए। सूर्य नमस्कार 12 मंत्रों के साथ 12 बार करना चाहिए। रोजाना 20 से 30 मिनट सिर में रूमाल रखकर सूर्य स्नान  जरूर करें। इससे विटामिन-डी मिलता है। उन्होंने कहा कि कोविड को हॉट या न्यूट्रल इमर्सन का उपयोग करके भी मारा जा सकता है। .

इसके अलावा तनावकम करने के लिए  नैचुरोपैथी पद्धति में हंसना भी जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लगातार हैंड सेनिटाइजर उपयोग और मास्क लगाना भी  जरूरी है।

डॉ मूर्ति ने वायरस संक्रमण से बचाव के तरीकों में  स्वस्थ नींद को भी काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे में.रात में सात घंटे और दिन में भी 1 घंटा जरूर लें। तभी शरीर और दिमाग को फिट रखा जा सकता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए 20-20 मिनट की प्रार्थना करनी चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल नैचुरोपैथी ऑर्गेनाइजेशन (आईएनओ) एक सामाजिक संस्था है, जो योग-प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार-प्रसार एवं इसके समग्र विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो दशकों से इस चिकित्सा पद्धति के ज्ञान व लाभ को आम जनता तक पहुंचाने के लिए अनेक गतिविधियों का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा  है। इसी क्रम में योग-प्राकृति चिकित्सा के बारे में परामर्श देने के लिए आईएनओ के सदस्यों द्वारा बीते 18 अप्रैल से 03 मई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे और शाम 4 बजे तक सोशल मीडिया के फेसबुक पेज से लाइव वार्ता का आयोजन  कर रहे हैं।  
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