संसद भवन में बना नियंत्रण कक्ष, सांसदों, विधायकों और जनता से संपर्क साधने में मिलेगी मदद


लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है ताकि राज्यों को कोविड-19 का मुकाबला करने और सहायता पहुंचाने में आसानी हो सके। इसके अलावा इससे सांसदों, विधायकों और आम जनता से संपर्क स्थापित करने में मदद भी मिलेगी।

यह नियंत्रण कक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की पहल पर स्थापित किया गया है। क्योंकि, पिछले दिनों बिड़ला ने राज्यों के पीठासीन अधिकारियों से वीडियाे कांफ्रेंसिंग के जरिए कोरोना महामारी से उत्पन्न हुई स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की थी। इस महामारी के दौरान आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए देश में सांसदों और विधायकों की भूमिका और प्रयासों का उल्लेख करते हुए बिड़ला ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि सांसद और विधायक इस महामारी को फैलने से रोकने के राष्ट्रीय प्रयासों में अग्रणी भूमिका निभाएं।

बिड़ला ने सभी राज्य विधानमंडलों से आग्रह किया था कि वे विभिन्न राज्य विधानमंडलों और संसद के बीच जानकारी के रियल टाइम का आदान-प्रदान के लिए एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करें ताकि सांसदों, विधायकों और अन्य लोगों को कोविड-19 से उत्पन्न स्थिति का मुक़ाबला करने के लिए अपने कर्तव्य को अधिक प्रभावी ढंग से निभा सकें। इसी के तहत संसद भवन में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया और उसने कार्य करना भी शुरू कर दिया है। वहीं राजस्थान, हरियाणा, ओडिशा, दिल्ली, उत्तराखंड व मध्य प्रदेश आदि राज्य विधानमंडलों ने अपने-अपने विधानमंडल सचिवालयों में सबसे पहले नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इन्होंने भी कार्य करने शुरू कर दिए हैं।
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