आने वाले है बप्पा, जाने गणेश चतुर्थी पर गणपति का पूजन करते समय किन बातो का रखना चाहिए ध्यान !



ये तो सब जानते है, गणेश चतुर्थी का त्यौहार बस आने ही वाला है. जी हां अगले दो दिनों में गणेश जी सबके घर पधारने ही वाले है. ऐसे में आप सबको ये पता होना चाहिए, कि गणेश जी की पूजा करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और पूजा के दौरान ऐसी कौन सी चीजे है, जो भूल कर भी नहीं करनी चाहिए. तो चलिए पहले आपको बताते है, कि गणेश जी की पूजा करते समय आपको किन बातो का ध्यान रखना चाहिए यानि क्या क्या करना चाहिए. गौरतलब है, भगवान् श्री गणेश का पूजन करते समय मोदक का भोग जरूर लगाना चाहिए.
बता दे कि माता पार्वती जन्म से ही गणेशा को मोदक खिलाती आई है और यह गणेश जी को बेहद पसंद है, इसलिए इस गणेश चतुर्थी पर जब गणेश जी का पूजन करे तो मोदक का भोग जरूर लगाएं. वैसे अगर इतिहास की बात करे तो एक समय था जब दैत्य अनलासुर के आंतक को खत्म करने के लिए गणेश जी ने अनलासुर को निगल ही लिया था और उसे अपने उदर में ही भस्म कर दिया था. जिसके चलते गणेश जी के उदर में भीषण अग्नि और असहनीय पीड़ा होने लगी.
इसी पीड़ा को दूर करने के लिए कश्यप ऋषि ने दुर्वा की इक्कीस गांठे औषधि के रूप में गणेश जी को दी थी और इससे गणेश जी की पीड़ा ठीक हो गई थी. बस तभी से गणेश जी को दुर्वा चढ़ाई जाती है. इसलिए आप भी गणेश जी को दुर्वा चढ़ाना न भूले. आपको बता दे कि हमारे गणेश जी को गेंदे के फूल बहुत पसंद है. इसलिए जब भी गणेश जी का पूजन करे उसमे गेंदे के फूलो का पयोग जरूर करे. गौरतलब है, कि गणेश जी को शंख ध्वनि बेहद प्रसन्न करती है. इसके इलावा शंख ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और इससे हवा में मौजूद सूक्ष्म कीटाणुओं का भी नाश होता है. इसलिए गणेश पूजन करते समय शंख से ध्वनि जरूर करे.
इसके इलावा गणेश जी को पांच प्रकार के फल चढ़ाये जाते है और इन फलो में केला तो जरूर चढ़ाएं. जी हां क्यूकि गणेश जी को मोदक की तरह केला भी बहुत पसंद है. अब ये तो वो बातें थी जो आपको पूजन के दौरान करनी है, पर अब हम आपको उन बातों के बारे में बताएंगे जो आपको भूल कर भी नहीं करनी है. इसमें सबसे पहले तो भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को चन्द्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए, जी हां क्यूकि चन्द्रमा ने इसी दिन गणेश जी को देख कर उनका उपहास किया था, अपमान किया था.
ऐसे में गणेश जी ने चन्द्रमा के अहम को तोड़ने के लिए उन्हें श्राप दिया था और कहा था कि आज के दिन जो भी तुम्हे देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा और हर जगह उसकी केवल निंदा होगी. इसलिए इस दिन चन्द्रमा के दर्शन भूल से भी न करे. इसके इलावा इसमें कोई दोराय नहीं कि गणेश जी में पूरी सृष्टि वास करती है. इसलिए यदि कोई भी अच्छा या बुरा व्यक्ति भगवान् गणेश के सामने हाथ जोड़ कर खड़े होकर उनकी वंदना करता है, तो उसे अच्छा फल. शुभ वरदान और सभी प्रकार के आशीर्वाद प्राप्त होते है. हालांकि पीठ दर्शन से केवल दरिद्रता ही प्राप्त होती है, क्यूकि गणेश जी की पीठ पर दरिद्रता का वास होता है. इसलिए भूल कर भी गणेश जी के पीठ दर्शन न करे.
इसके इलावा भगवान् गणेश पर कभी भी तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए. इससे विपति का सामना करना पड़ता है और मानहानि भी होती है. गौरतलब है, कि घर के मंदिर में गणेश जी की खड़े हुए की कोई मूर्ति नहीं रखनी चाहिए और जहाँ गणेश जी की मूर्ति रखे वहां बिना आसन के न रखे. इससे घर में घोर संकट आता है. इसके इलावा घर में गणेश जी की मूर्तिया कभी भी विषम संख्या में नहीं होनी चाहिए, इससे घर का नाश हो सकता है. जैसे कि एक, तीन और पांच आदि संख्या में मूर्तिया नहीं रखनी चाहिए. जी हां गणेश जी की मूर्तिया हमेशा सम संख्या में घर में रखनी चाहिए. जैसे कि दो, चार और छह आदि संख्या में होनी चाहिए.

बरहलाल इस गणेश चतुर्थी पर इन सब बातों का ध्यान जरूर रखे और सच्चे दिल से गणेश जी की पूजा करे. इससे गणेश जी आपके सभी कष्ट दूर करेंगे और हमेशा अपनी कृपा आप पर बनाए रखेंगे.

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