इस नवरात्रि माता रानी को जरूर चढ़ाएं उनके प्रिय भोग, वरना माँ की पूजा रह जायेगी अधूरी !

ये तो सब जानते है कि नवरात्रि में देवी के पूजन और नौ दिन के व्रत का कितना महत्व है. बरहलाल आज से माता रानी के पवित्र अवसर का आगमन हो चुका है. वैसे आपको बता दे कि एक तरफ जहाँ इन नौ दिनों में माता रानी को खुश करने के लिए व्रत रखने वालो के लिए कुछ नियम तय किये जाते है, वही दूसरी तरफ आप माता रानी का पसंदीदा भोग बना कर उन्हें चढ़ा सकते है और उनका आशीर्वाद पा सकते है. जी हां आज हम आपको बताएंगे कि आप किस देवी को कौन सी भोग किस दिन चढ़ा सकते है, ताकि आपको माँ का असीम आर्शीवाद मिल सके.
1. इसमें सबसे पहले हम शैलपुत्री माँ की बात करते है. जी हां बता दे कि शैलपुत्री को सफ़ेद चीजों का भोग लगाया जाता है. इसके इलावा अगर ये चीजे गाय के घी से बनी हो तो माँ व्यक्ति का हर रोग दूर कर देती है.
2. इसके बाद अगर माँ ब्रह्मचारिणी की बात करे तो इस माँ को मिश्री, चीनी और पंचामृत का ही भोग लगाया जाता है. यहाँ तक कि इन चीजों का दान करने से लम्बी उम्र का सौभाग्य भी प्राप्त होता है.
3. इसके बाद माँ चंद्रघटा को दूध और उससे बनी चीजे बेहद पसंद है. इसलिए उन्हें दूध से बनी चीजों का भोग लगाए. अगर आप चाहे तो इसका दान भी कर सकते है, क्यूकि ऐसा करने से भी माँ खुश होती है और सभी दुखो का नाश करती है.
4. इसके बाद माँ कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं. केवल इतना ही नहीं, इसके इलावा इस प्रसाद को किसी ब्राह्मण को दान कर दे और खुद भी इसमें से थोड़ा सा भोग खाएं. बता दे कि इससे बुद्धि का विकास होने के साथ साथ फैसले लेने की शक्ति भी बढ़ती है.
5. गौरतलब है, कि पंचमी तिथि के दिन माँ स्कंदमाता की पूजा करके भगवती दुर्गा को केले का भोग लगाएं. इसके बाद यह प्रसाद ब्राह्मण को दे दीजिये. इससे भी बुद्धि का विकास होता है.
6. बता दे कि माँ कात्यायनी षष्ठी तिथि के दिन देवी के पूजन में मधु का बेहद महत्व बताया गया है. इसलिए इस दिन प्रसाद बनाने में मधु यानि शहद का इस्तेमाल करना चाहिए. बता दे कि इससे साधक सुन्दर रूप मिलता है.
7. गौरतलब है कि माँ कालरात्रि सप्तमी तिथि के दिन भगवती की पूजा में गुड़ का नैवैद्य अर्पित करके किसी ब्राह्मण को दे देना चाहिए. इससे व्यक्ति शोकमुक्त हो जाता है.
8. इसके बाद माँ महागौरी अष्टमी के दिन माँ को नारियल का भोग लगाएं. फिर इस नारियल को सिर से घुमाकर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दे. जी हां ऐसा माना जाता है कि इससे व्यक्ति की मनोकामना पूरी हो जाती है.

9. अब आखिर में माँ सिद्धिदात्री नवमी तिथि पर माँ को कई तरह के अनाजों का भोग लगाएं. जैसे कि हलवा, पूरी, खीर और पुए आदि सब चीजों का भोग लगाएं. इसके बाद इसे गरीबो में दान कर दे. बता दे कि इससे जीवन में सुख और शान्ति की प्राप्ति होती है.

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