अगर समाज में पाना चाहते हैं मान सम्मान तो हर रोज़ कर लें ये एक छोटा सा उपाय



संसार में ऐसे कई लोग है जो खुद में ही लज्जित रहते हैं। मान सम्मान, यश व आदर जैसी कोई भी चीज उनके पास नहीं होती है और यही कारण होता है कि वो अपने जीवन में कुछ गलत कदम भी उठा लेते हैं जिसके बाद वो वापस लौटकर भी नहीं आ सकते और फिर उन्‍हें अपनी गलतियों की सज़ा भी भुगतनी पड़ती है। हमारे समाज में कोई भी गलत नहीं बनना चाहता सब किसी परिस्थिति का शिकार हो जाते हैं, कोई पैसे की कमी से या फिर किसी और चीज की कमी से।
हर व्‍यक्ति बस यही चाहता है कि समाज में उसका मान-सम्मान हो और उसका यश चारों तरफ फैले हर कोई उसे आदर दें पर जरूरी नहीं कि हर व्‍यक्ति का ये सपना पूरा ही हो जाता है। आज के समय में किसी को सम्‍मान पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है लेकिन फिर भी जरूरी नहीं कि उसे उसका सम्‍मान मिल ही जाये। मान सम्‍मान प्राप्‍त करने के लिए तो कुछ लोगों की सारी उम्र बीत जाती है इसीलिए इसे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी माना जाता है और जाने के बाद लोग सिर्फ इसे ही याद रखते हैं।
तो अब आप सोच रहे होंगे कि फिर क्या तरीक़ा है मान और सम्मान प्राप्त करने का? और किस ढंग से हम काम करके अपने जीवन में सुख, समृद्धि और सम्मान ला सकते हैं? इन सवालों के सहज और सरल जवाबों का सिलसिला आज हम शुरू करेंगे। आखिर किस तरह से आप मान और सम्मान की ओर बढ़ सकते हैं? और क्या करके इनका आना बढ़ा सकते हैं? इसीलिए आज हम ऐसा उपाय आपको बताने जा रहे हैं जिसे करने के बाद निश्चित ही हर जगह आपको मान सम्‍मान मिलने लगेगा। अगर आप अपना आदर, मान सम्‍मान और सत्कार बढ़ाना चाहते हैं तो इस तांबे के लोटे का ये उपाय करके आप अपना मान सम्‍मान बढ़ा सकते है।

ये रहें वो उपाय

बता दें कि जिसकी कुंडली में सूर्य शुभ स्थिति में हैं तो व्‍यक्ति को हर जगह मान सम्‍मान मिलता है वहीं अगर कुंडली में सूर्य अशुभ स्थिति में है तो व्‍यक्ति को कहीं भी मान सम्‍मान नहीं मिलता। तो आप एक उपाय करके अपने कुंडली सूर्य को शुभ स्थिति में ला सकते हैं।

हर रोज सुबह उठकर नहाकर तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें कुमकुम, चावल व फूल डाल दें और फिर हर सुबह उसे सूर्य देवता को अर्पित करें। ऐसा करने से हर रोज करने से शुभ फल मिलेंगे और धीरे धीरे हर जगह आपको मान सम्‍मान मिलेगा। वहीं सूर्य को जल अर्पित करते समय आप इस मंत्र का जाप करें ऊं सूर्याय नम:, ऊं भाष्‍कराय नम:, ऊं आदित्‍याय नम: का जाप करना चाहिए। हो सके तो सूर्य को जल देते समय जो पानी जमीन पर गिरता है उसके बीच से आप सूर्यदेवता को देखें ऐसा करने से हमारे आंखों की रौशनी बढती है।

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