घर के मुख्य दरवाजे पर आज ही बनाएं ये दो चिन्ह, छूमंतर हो जाएगी हर परेशानी !

यूँ तो अपना घर लेने का सपना हर व्यक्ति का होता है, लेकिन इस दुनिया में केवल कुछ ही लोग ऐसे होते है, जो अपने इस सपने को साकार कर पाते है. वैसे अगर आपने अभी अभी नया घर या फ्लैट लिया है, तो उसका वास्तु सही है या नहीं, ये जानने का हमारे पास एक बहुत अच्छा तरीका है. जो हम आपको जरूर बताएंगे. जी हां उस नए घर में जाने से पहले किसी भी नवजात शिशु को उस घर में ले जाए और ऐसे में अगर वो घर में घुसते ही रोता है, तो इसका मतलब ये है कि उस घर का वास्तु ठीक नहीं है. इसके इलावा इसका एक और मतलब ये भी हो सकता है कि उस घर में इतनी नकारात्मक ऊर्जा है, जो आपके लिए बिलकुल अच्छी नहीं है.

वही अगर शिशु घर में घुसते ही मुस्कुराने लगे और हंसने लगे तो इसका मतलब ये है कि उस घर में सब कुछ बढ़िया है. वैसे अगर आप उस घर में अकेले रहने वाले है और ऐसे में आपको घर में अजीब सा लगता है या आपका दम घुटता है, तो ये भी वास्तु दोष हो सकता है. हालांकि कई बार ऐसा होता है कि घर के वास्तु ठीक होने के बावजूद भी वहां जाने और रहने में अजीब सा लगता है. इसके साथ ही कई बार तो वहां दम सा घुटने लगता है. दरअसल इसकी वजह घर का इतिहास हो सकता है. जी हां कई बार ऐसे घरो में नकारात्मक ऊर्जा का वास हमेशा रहता है. जिसके चलते आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

अब ऐसा भी हो सकता है, कि जिस घर में आप रहने जा रहे हो वहां किसी ने आत्महत्या या हत्या की हो. इसके इलावा ये भी हो सकता है कि जिस इमारत पर आपका घर बना है, वहां पहले कोई कब्रिस्तान, श्मशान या कोई भूतिय हवेली बनी हो. जी हां आप माने या न माने पर कई बार इससे घर में भूत प्रेतों का डेरा बना रहता है और इसी वजह से आपको कुछ सही नहीं लगता. बरहलाल वास्तु दोष के कारण घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और वास्तुशास्त्र के चलते हम इस बुरी ऊर्जा को समाप्त कर सकते है. इसलिए अगर आपने नए घर में प्रवेश कर लिया है और आपके मन में भी अपने घर को लेकर कुछ शंकाए है तो आज हम आपको उसका समाधान बताने वाले है.
सबसे पहले तो यदि आपको ऐसा लगे कि आपके घर में किसी तरह का वास्तु दोष है तो घर के मुख्य दरवाजे पर दोनों तरफ ओम या स्वास्तिक का चिन्ह बना दे. इसके इलावा अगर आप चाहे तो बाजार से इन चिन्हो का स्टीकर लाकर भी दरवाजे पर लगा सकते है. इससे वास्तु दोष का प्रभाव कम हो जाएगा. वैसे वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा हमेशा अंदर की तरफ ही खुलना चाहिए और ये बाकी दरवाजो से बड़ा होना चाहिए.
दरअसल जिस घर में मुख्य द्वार बाहर की तरफ खुलता है, वहां बरकत नहीं हो पाती और जिस घर में दरवाजा खोलते या बंद करते समय आवाज आती हो, वहां भी बरकत नहीं होती. इसलिए यदि आपके घर में कोई दरवाजा ऐसा है तो उसे फ़ौरन ठीक करवा ले. इससे भी वास्तु दोष का प्रभाव कम हो सकता है. गौरतलब है कि जिस घर में किसी तरह का वास्तु दोष है, वहां अखंड रूप से श्री रामचरितमानस के नौ पाठ या फिर भागवत गीता का कीर्तन करने से सभी तरह के वास्तु दोष दूर हो जाते है.

बरहलाल अगर आप हमारी बातो से सहमत है तो इन तरीको को एक बार आजमा कर जरूर देखियेगा.

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