भगवान बुद्ध की यह सीख आपको जीवन में बहुत आगे ले जाएगी

भगवान बुद्ध

दोस्तों आप में से कई लोग जीवन में सफलता पाना चाहते होंगे. हो सकता हैं आप में से कुछ लोगो ने इसके लिए कई प्रयास भी किए हो लेकिन कुछ समस्यां या बाधा आने पर आप सफल ना हो पाए हो. लेकिन आज हम आपको भगवान बुद्ध के द्वारा दी गई एक ऐसी ज्ञान की बात बताएंगे जिसे अपने जीवन में अपनाने पर आपको सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक पाएगा.
एक बार भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ गाँव गाँव घूम भ्रमण कर रहे थे. अधिक घुमने की वजह से भगवान बुद्ध का गला सुख गया और वो अपने शिष्यों के साथ एक पेड़ के नीचे विश्राम करने बैठ गए. जोरो की प्यास लगने पर बुद्ध ने अपने शिष्यों से कहा “मेरा गला बहुत सुख रहा हैं. क्या आप में से कोई जल लाकर मेरी प्यास बुझा सकता हैं.” भगवान बुद्ध की बात सुन कई शिष्यों ने जल लाने के लिए हाथ खड़े किए. बुद्ध ने श्याम नाम के एक शिष्य को जल लाने की इजाजत दे दी.
श्याम जल की तलाश में भटकता हुआ एक नदी के समीप पंहुचा. इस नदी में कई लोग तरह तरह के कार्य कर रहे थे. कोई कपड़े धो रहा था, कोई नहा रहा था, तो कोई अपने गंदे पशुओं को साफ़ कर रहा था. इन सभी कार्यो से नदी का पानी काफी गंदा हो गया था.
इस गंदे पानी को देख श्याम ने सोचा “भला मैं भगवान बुद्ध को ऐसा गंदा पानी कैसे पिला सकता हूँ?” यह सोच वर हार मान निराश मन से खली हाथ लौट आया. बुद्ध के पास आने पर उसने उनको पूरी कहानी सुनाई और हाथ जोड़ माफ़ी मांगी.
श्याम की बात सुन बुद्ध मुस्कुराए और बोले “कोई बात नहीं श्याम. तुम दोबारा उस नदी पर जाओ और वहां बैठ दो घंटे तक अपनी आँखे बंद कर ध्यान लगाओ. इसके बाद मेरे लिए उसी नदी से जल ले आना.”
बुद्ध की यह बात श्याम को समझ नहीं आई लेकिन उनका आदेश था इसलिए वो वापस उसी नदी पर चला गया और दो घंटे तक वहीँ बैठ आँख बंद कर ध्यान करता रहा. दो घंटे बाद श्याम ने जैसे ही अपनी आँखें खोली तो उसने देखा कि नदी का पानी पूरी तरह से साफ़ हो गया हैं. यह देख वो खुश हुआ और पात्र में जल भर बुद्ध के पास ले जा कर बोला “हे भगवान! आप ने तो चमत्कार कर दिया. नदी का गंदा पानी साफ़ हो गया.”
इस पर बुद्ध मुस्कुराए और बोले”ये कोई मेरा चमत्कार नहीं बल्कि तुम्हारे धीरज रखने का फल हैं. जब नदी के अन्दर के लोग अपना कार्य समाप्त कर चले गए तो पानी ठहर गया और मिटटी कुछ देर बाद तले में बैठ गई. इस तरह तुम्हे ऊपर स्वच्छ जल मिल गया.”
बुद्ध आगे बोले “जीवन में जब भी कोई बाधा या समस्यां आ जाए तो हार मान वापस ना लौटे, बल्कि धीरज रख उस समस्यां का समाधान खोजे.”
दोस्तों यदि आप भी भगवान बुद्ध की यह सिख अपना लोगे तो आपको जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक पाएगा.
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