एकतरफा प्यार में लगाई लिया आग, पूरे परिवार को जिंदा जलाना चाहता था आरोपी फारूक

मेरठ जनपद में खरखौदा के जाहिदपुर में महिला और उसके छह बच्चों को जिंदा जलाने के लिए पेट्रोल फेंककर मकान में आग लगाने के मामले में सोमवार को पुलिस ने खुलासा किया। दस बच्चों के बाप ने एकतरफा इश्क में मकान में आग लगाई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आग में झुलसे एक बच्चे की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। 
एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर आरोपी फारूक (58) निवासी कायस्थ बढ़डा (हाल पता रसूलनगर, खरखौदा) को पेश किया। आरोपी फारूक दस बच्चों का पिता है। वह महिला के मकान के पीछे एक कबाड़ी के गोदाम पर चौकीदारी करता था। इसी दौरान फारूक का महिला के घर आना जाना शुरू हो गया। महिला का पति से सात साल से विवाद चल रहा है। पति लिसाड़ीगेट में अलग रहता है। फारूक ने महिला की बड़ी बेटी की शादी में पैसा देने की बात थी है। 

परिवार के लोगों को बेटियों के मामले में फारूक का हस्तक्षेप गंवारा नहीं था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि महिला उससे किनारा करने लगी थी। इसके चलते महिला और उसके परिवार को जिंदा जलाकर मारने का प्लान बनाया था। 13 जनवरी की शाम आरोपी फारूक महिला के घर गया था। रात में पीछे की दीवार में बने रोशनदान से मकान में पाइप के जरिए पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग से महिला और उसके दो बच्चे झुलस गए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर अधजला पाइप और पेट्रोल की खाली बोतल बरामद की। आरोपी ने वारदात करना कबूल किया है। 

फारूक एकतरफा इश्क करता था। वह परिवार को छोड़कर जाहिदपुर में ही रहने लगा था। महिला ने फारूक के चाल चलन को देखते हुए दूरी बनानी शुरू कर दी थी। उसके बच्चों ने भी तवज्जो देना बंद कर दिया। इसके चलते फारूक ने महिला व उसके परिवार को मारने की साजिश रची। पूछताछ में उसने कहा कि दो साल से चौकीदारी में मिलने वाला सारा पैसा वह महिला व उसके परिवार पर खर्च करता था। वह बर्बाद हो चुका था। वहीं जांच के दौरान खरखौदा इंस्पेक्टर मनीष बिष्ट और एसआई मनोज शर्मा ने महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसमें फारूक का नाम सामने आया।
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