बुरा वक्त अगर आपके आने वाला है तो शनि देव देंगे आपको ये इशारे

शनि ने राशि परिवर्तन किया है। और इसके कुप्रभावों से बचने के  लिए हम आपको आज बताएंगे कि कौन से इशारे दे रही है प्रकृति हमें और कौन से उपाए करने से हम इससे बच सकते हैं।
शनिदेव गुरुवार 26 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 11 मिनट पर वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश कर गए हैं। और शुक्रवार 24 जनवरी साल 2020 को दोपहर 11 बजकर 12 मिनट तक धनु राशि में रहने वाले हैं।
शनि की कुल दशा 19 वर्ष की होती है। इसके अलावा साढ़े साती और दो ढैय्या का समय जोड़ा जाए तो शनि हर मनुष्य की राशि में 31 साल तक प्रभावित करती है। 30 वर्ष में उस राशि में फिर से वापस लौट आते हैं और इसलिए किसे के भी जीवन में तीन से अधिक बार साढ़ेसाती नहीं लगती है। ऐसा माना जाता है कि जब मनुष्य को तीसरी साढ़ेसाती लगती है, तो उसमें वो मृत्यु को प्राप्त हो जाता है। शनि शुक्र की राशि तुला में शनि उच्चस्थ होता है और मंगल की राशि में मेष में नीचस्थ होता है। शनि जिस भाव में बैठते हैं उसका भला करते हैं, परंतु तीसरी, सातवीं और दसवीं दृष्टि से वो अनिष्टता देते हैं।
शनि को नव ग्रहों में न्यायाधीश यानि की जज की माना जाता है। जो अनुचित कार्य करने वालों को दंड देते हैं। शनि सुर्य पुत्र है, परंतु जब कुंडली में ये दोनों ग्रह एक ही भाव में हो जाते हैं, या परस्पर देख रहे होते हैं यानि की जिसको हम दृष्टि संबंध कहते हैं तो वो अनिष्ट फल देने लगते हैं।
शनि राजा को रंक और रंक को राजा बना देते हैं। अर्थात् शनि परम् शत्रु और परम् मित्र भी हैं। रोग, शोक, संकट सभी को दूर करने के लिए शनि देव का राशि परिवर्तन इस बार सभी राशि के जातकों को प्रभावित करेगा।
–    अगर आपको जमीन, प्लॉट जैसी विवादों का सामना करना पड़ रहा है, तो कहीं ना कहीं आप पर शनि दोष है। अगर इस तरह के विवाद होते हैं आपके जीवन में मकान को लेकर के, प्लॉट को लेकर के, आप जहां भी इंवेस्ट कर रहे हैं वहां आपको अच्छे फल नहीं मिल रहे हैं। तो समझ जाइए कि आपकी कुंडली में शनि दोष है।
–    अगर भाईयों से अक्सर विवाद होता है, स्थिति दुश्मनी जैसी हो जाती है। आपके परिवार के साथ अक्सर आपका मनमुटाव रहता है तो समझ जाइए कि शनि आपको संकेत दे रहें हैं कि आपकी कुंडली में कहीं ना कहीं शनि दोष है।
–     आदमी अवैध संबंध बनाने में ज्यादा इंटरेस्ट लेने लगे, अनैतिक संबंधों की ओर ज्यादा झुकाव हो जाए तो ऐसे में समझ जाइए कि अशुभ शनि का प्रभाव है
–    बेशुमार कर्ज चढ़ जाए। कर्ज से उबरना मुश्किल हो जाए और कोर्ट- कचहरी के केस लग जाएं तो ऐसे में भी मनुष्य में शनि दोष के लक्षण हैं।
–    अगर आप कहीं अनचाही जगह में नौकरी कर रहे हों। कहीं छोटी- सी जगह पर आपका तबादला कर दिया जाए। या फिर आपके पदोन्नति में बाधा आ रही हो, तो भी आप समझ जाएं कि आप पर शनि दोष हावी हो रहा है।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण आपको दिखाई देते हैं तो आप बिना कुंडली दिखाए ये उपाए कर सकते हैं।
–    श्रीमद्भागवत में श्रीकृष्ण ने पीपल को स्वयं का ही एक रुप बताया है। तो इसलिए अगर आप पीपल की पूजा करेंगे तो सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाएगी। पीपल की पूजा शनिवार को करनी चाहिए और रविवार को पीपल की पूजा नहीं करनी चाहिए।
–    अगर आपने शनिवार को पीपल पेड़ के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर लिया तो कहा जाता है कि आपके जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
–    पीपल के 11 पत्तों पर साफ पानी में कुमकुम या चंदन मिलाकर उससे हर पत्ते पर श्रीराम या राम- राम लिखना है और ये लिखते- लिखते हनुमान चालीसा का पाठ करना है। इसके बाद न पत्तों की माला बना लें और इसे हनुमान मंदिर में अर्पित करें। ये उपाए हर शनिवार को करें।
–    हर महिने अमावस्या के दिन सात प्रकार के अनाज का दान करें। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
–    घोड़े की नाल या नाव की कील की अंगुठी बनवाकर आप पहन सकते हैं शनिवार के दिन।
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