पाना है शनिदेव की कृपा तो आज के दिन जरूर करें इन मंत्रो का जाप

शनि हमारे जीवन पर कई तरह से असर डालते हैं और अक्सर उनकी शक्ति को ना पहचानने वाले शनिदेव की टेढ़ी नजर का शिकार हो जाते हैं। बता दे की शनि की टेढ़ी नजर उन पर ही पड़ती है जो अक्सर बुरे कार्यों में लिप्त रहते हैं फिर चाहे वो बुरे कार्य अनजाने में ही क्यों ना हुए हो। आमतौर पर देखा गया है कि लोग शनि की पूजा बुरे वक़्त के समय या जेबी डर में रहते है तब करते हैं मगर आपको बताना चाहेंगे की यह पूरा सच नहीं है।
आपको बता दे की शनिदेव कर्तव्यों के आधार पर ही किसी मनुष्य की सजा तय करते हैं मगर इससे बचने के लिए मनुष्य ने कई मंत्र इजात किये हैं। इन मंत्रों में शनि के प्रकोप से बचने से लेकर उन्हें खुश रखने तक के उपाय बताए गए हैं। शनि का हृदय पापियों के लिए कठोर तो अच्छे व्यक्तियों के लिए उदार है, अगर आप से जाने अनजाने कोई गलती हो गई है तो शनि देव से गलती की मांफी मांगने के लिए आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
शनि देव का तांत्रिक मंत्र :-

ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनये नमः।

शनि देव के वैदिक मंत्र :-

ऊँ शन्नो देवीरभिष्टडआपो भवन्तुपीतये।

शनि देव का एकाक्षरी मंत्र :-

ऊँ शं शनैश्चाराय नमः।

शनि देव का गायत्री मंत्र :-

ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्।।

बताना चाहेंगे की शनिदेव के साढ़ेसाती के प्रकोप को सबसे घटक प्रकोप माना जाता है जिससे प्रभावित हर व्यक्ति हर संभव तरीके से इससे निजात पाना चाहता है, बता दे की इससे बचने के लिए इन मंत्रों का उपयोग करना चाहिए।

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम ।
उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात ।।
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः।
ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।

साथ ही बताना चाहेंगे की जब कोई व्यक्ति काफी समय से बीमार है और कई दवाइयों से भी ठीक नहीं हो पा रहा है तो माना जाता है कि उसपर शनि ग्रह भारी है। इसलिए मनुष्य को शनि-ग्रह की शांति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निम्न मंत्रों का जाप करना चाहिए।

ध्वजिनी धामिनी चौव कंकाली कलहप्रिहा।
कंकटी कलही चाउथ तुरंगी महिषी अजा।।
शनैर्नामानि पत्नीनामेतानि संजपन् पुमान्।दुःखानि नाश्येन्नित्यं सौभाग्यमेधते सुखमं।।

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