कोरोना के लिए जिम्मेदार होंगे तो भुगतने पड़ेंगे नतीजे


 चीन द्वारा कोरोना वायरस बीमारी से निपटने को लेकर असंतोष जताते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर बीजिंग द्वारा अमेरिका के साथ गैर पारदर्शी व्यवहार किया गया और शुरुआत में उसके साथ सहयोग नहीं किया गया। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को आगाह किया है कि अगर वह कोरोना वायरस वैश्विक महामारी को फैलाने का जिम्मेदार है और उसे इसके बारे में जानकारी थी तो इसके नतीजे उसे भुगतने होंगे। उन्होंने कल व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, अगर वे जानबूझकर इसे फैलाने के जिम्मेदार पाए गए तो इसके परिणाम भुगतने होंगे। आप इसके बारे में बात कर हैं, आप जानते हैं, संभवत: 1917 के बाद किसी ने इतने बड़े पैमाने पर लोगों को मरते हुए नहीं देखा। ट्रंप से जब यह सवाल पूछा गया क्या आप चीन से नाराज हैं, तो जवाब हां में था। ट्रंप ने कहा, 'कोविड-19 के दुनियाभर में फैलने से पहले तक चीन के साथ उसके संबंध बहुत अच्छे थे। लेकिन फिर अचानक इसके बारे में सुना। इससे काफी फर्क आ गया है। यह सवाल खैर जवाब हां में है। राष्ट्रपति ने कहा कि एक गलती जो काबू से बाहर हो गई या जानबूझकर कुछ किए जाने में काफी अंतर होता है। किसी भी स्थिति में उन्हें हमें बताना चाहिए था। मुझे लगता है कि वे जानते थे कि कुछ खराब है और मुझे लगता है कि वे शर्मिंदा भी हैं। 


ट्रंप ने दावा किया कि चीन पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन का समर्थन कर रहा था जो राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार माने जा रहे हैं। ट्रंप ने कहा, कोरोना वायरस संकट ने हर किसी को नुकसान पहुंचाया है। हमारी अभी तक दुनिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। चीन आसपास तक भी नहीं था हमारे। ट्रंप ने इस संक्रामक रोग के कारण चीन में मरने वाले लोगों की आधिकारिक संख्या को लेकर भी संदेह जताते हुए दावा किया कि वहां मरने वाले लोगों की संख्या अमेरिका से कहीं अधिक है। हम पहले स्थान पर नहीं है, चीन पहले स्थान पर है। मृतकों की संख्या के लिहाज से वे हमसे कहीं आगे हैं। हम उनके आसपास भी नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि जब उच्च विकसित स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों वाले देशों ब्रिटेन, फ्रांस, बेल्जियम, इटली और स्पेन में मृतकों की संख्या इतनी अधिक थी तो चीन में यह महज 0.33 प्रतिशत थी। वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हैं। उन्होंने चीन के मृतकों के आंकड़े को सच्चाई से कोसों दूर बताया।एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ईरान अब पहले के मुकाबले काफी अलग देश है। पहले वह पूरे पश्चिम एशिया पर अपना अधिकार जमाने जा रहा था और अब वे सिर्फ जीना चाहता है।

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