मध्यप्रदेश के हनुमान मंदिर में हुआ चमत्कार, मूर्ति ने अपने आप ही छोड़ा सिंदूरी चोला

भारत के हर शहर, गाँव, गली, मोहल्लो में भगवान के मंदिर हैं. इन सभी मंदिरों की ख़ास बात यह हैं कि इनके बनने के पीछे सभी की एक रोचक कहानी छिपी हुई हैं. इन सभी मंदिरों में भक्तजानो का आना जाना लगा रहता हैं. ऐसे में कुछ मंदिर ऐसे भी होते हैं जो अपनी चमत्कारी घटनाओं के चलते बहुत फेमस हो जाते हैं.
आप लोगो ने भी आए दिन अलग अलग मंदिरों में होने वाले चमत्कार की घटनाएं सुनी और देखी होगी. आज भी हम आपको एक ऐसी ही चमत्कारी घटना से रूबरू कराने जा रहे हैं. यह चमत्कार मध्य प्रदेश के होशंगाबाद शहर में हुआ हैं. यहाँ बीते मंगलवार मंदिर के पुजारी के उस वक्र होश उड़ गए जब उसने भगवान हनुमान की प्रतिमा पर चढ़े सिंदूरी छोले को अपने आप मूर्ति से उतारते हुए देखा.

दरअसल होशंगाबाद में स्थित ये हनुमान मंदिर अन्य मंदिरों की तरह सामान्य ही था. यहाँ नार्मल संख्या में भक्त जानो का आना जाना लगा रहता था. इस मंदिर में सुनील महंत नाम के पुजारी रोजाना हनुमान जी की पूजा पाठ करते हैं. सुनील बताते हैं कि…
“बीते मंगलवार जब मैंने हनुमान मंदिर के पथ खोले और हनुमान जी की पूजा की तैयारी करने लगा तो तभी मैंने ऐसा नजारा देखा जिसे देख मुझे अपनी आँखों पर विशवास नहीं हुआ. हनुमान जी की मूर्ति का सिंदूरी कवच (चोला) धीरे धीरे कर नीचे गिर रहा था. तभी कुछ देर बाद वो भरभरा कर पूरा ही नीचे गिर गया.”

इस चमत्कारी घटना का पता जैसे ही शहर के लोगो को लगा मंदिर में भक्तजनों की भीड़ उमड़ आई. हर कोई हनुमान जी के इस अद्भुत चमत्कार को देखने मंदिर पहुँच गया और पूजा अर्चना करने लगा.

इस घटना के बारे में विज्ञानं विशेषज्ञों का कहना हैं कि ये कोई चमत्कार नहीं हैं बल्कि मौसम बदलने की वजह से सिंदूर की मोटी परत ने अपनी जगह मूर्ति से छोड़ दी. वहीँ मंदिर के पुजारी और अन्य भक्त लोग इस बात से सहमत नहीं हैं. वे इसे भगवान हनुमान का आलौकिक चमत्कार मान रहे हैं.
बताते चले कि हनुमान जी द्वारा चमत्कारी रूप से छोड़े गए छोले को नर्मदा नदी में विसर्जित किया जाएगा. इसके बाद ब्राह्मणों के द्वारा हनुमान मूर्ति के अभिषेक किए जाने की योजना भी हैं.
इस घटना के बारे में आप लोगो की क्या राय हैं? हमें कमेन्ट सेक्शन में जरूर बताइएगा.
Previous Post Next Post

.