घर में स्वास्तिक बनाते समय रखे इन नियमों का ख्याल वरना आजाएगी दरिद्रता

हिन्दू धर्म में स्वास्तिक के निशान का बहुत अधिक महत्त्व हैं. प्राचीन समय से लोग अपने घर में स्वास्तिक का निशान बनाते आ रहे हैं. उस दौरान स्वस्तिक का निशान बनाते समय कई नियम और कायदों का ध्यान रखा जाता था लेकिन आज के जमाने में कई लोगो को ना तो स्वस्तिक बनाने का सही नियम पता हैं और ना ही वे इसे बनाने के पीछे का कारण जानते हैं. आज हम आपको स्वास्तिक से जुड़ी सारी चीजें विस्तार से बताएंगे.

घर में क्यों बनाया जाता हैं स्वास्तिक का निशान?

आप में से कई लोगो के मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर हम लोग घर के अन्दर स्वास्तिक का निशान क्यों बनाते हैं? दरअसल स्वास्तिका के निशान को हिन्दू धर्म में शुभ माना गया हैं. यह घर के अन्दर सकारात्मक उर्जा फैलाने का काम करता हैं. घर में सही जगह और सही तरीके से बनाया गया स्वास्तिक का निशान आपके घर को पॉजिटिव एनेर्जी से भर देता हैं. यह घर की नेगेटिव एनर्जी को ख़त्म करता हैं. अतः जब घर में सकारात्मक माहोल होता हैं तो लक्ष्मी माँ भी ऐसे घर में ख़ुशी ख़ुशी आती हैं और फिर उस घर में धन की कभी कोई कमी नहीं होती हैं.

घर में कहाँ बनाए स्वास्तिक का निशान?

कुछ लोगो को इस बात की भी दुविधा रहती हैं कि वे घर के किस कोने में स्वास्तिक को बना सकते हैं? हम आपको बता दे कि हिन्दू शास्त्रों के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का निशान बनाना सबसे अधिक लाभकारी होता हैं. इसके अलावा घर के पूजा स्थल या मंदिर के नीचे बीचो बीच जमीन पर स्वास्तिक का निशान बनाना चाहिए.

स्वास्तिक बनाते समय रखे इन नियमो का ध्यान 

घर में गलत तरीके से बनाया गया स्वास्तिक आपके लिए अशुभ हो सकता हैं. इसलिए स्वास्तिक बनाते समय इन बातों का ख्याल जरूर रखे.
  • स्वास्तिक को हमेशा घड़ी की दिशा के अनुरूप ही बनाना चाहिए. जिस प्रकार घड़ी की सुई का काँटा घूमता हैं उसी प्रकार स्वास्तिक को भी बनाना चाहिए.
  • स्वास्तिक का मुंह हमेशा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए. इसका कारण यह हैं कि उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता हैं. इसलिए इस दिशा में स्वास्तिक बनाने से धन लाभ होता हैं.
  • स्वास्तिक का निशान बनाने के लिए कुमकुम, हल्दी या चन्दन का ही इस्तेमाल करे. इन तीन चीजो के अलावा किसी और सामग्री से स्वास्तिक ना बनाए.
  • स्वास्तिक की बॉर्डर बनाने के बाद इनके बीच चारो खाली जगह पर चार बिंदी अवश्य बनाए.
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