केंद्र सरकार ने भी अपनाया उपद्रवियों से नुकसान भरपाई का योगी फार्मूला


उपद्रवियों से नुकसान की भरपाई का योगी फार्मूला अब देश भर में सफल माना जाएगा। केंद्र की मोदी सरकार ने भी बुधवार को सिद्धांततः इसे स्वीकार कर लिया। 

दरअसल केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज एक अध्यादेश को मंजूरी दी, जिसमें स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध बनाया गया है। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मियों के वाहनों अथवा क्लीनिक पर यदि हमला करके कोई नुकसान किया गया तो हमलावरों को नुकसान का दोगुना हर्जाना देना होगा। 

वैसे, केंद्र सरकार के इस अध्यादेश का मुख्य कारण कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला है। दरअसल इस समय कोरोना के संक्रमण जांच के लिए नियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों पर देश भर में कई स्थानों पर हमले हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी मुरादाबाद और बरेली समेत कुछ नगरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पर पिछले दिनों हमला हुआ। ऐसे में केंद्र सरकार इस अध्यादेश के माध्यम से उपद्रवियों पर शिकंजा कसना चाहती है। 

गौरतलब है कि उप्र की योगी सरकार उपद्रवियों पर सख्ती बरतने के लिए पूर्व में ही इस तरह का अध्यादेश ला चुकी है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के नाम पर दिसम्बर माह में जब प्रदेश की राजधानी समेत अन्य शहरों में हिंसा हुई थी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपद्रवियों से सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान की भरपाई का निर्देश दिया था। बाद में योगी सरकार ने कैबिनेट से एक अध्यादेश पारित इसे कानूनी जामा भी पहनाया था। 

मार्च माह में लोकसभा सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने योगी के इस फार्मूले की प्रशंशा की थी। उस समय उन्होंने सदन में यह भी कहा था कि दिल्ली बवाल में संपत्तियों का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई भी उपद्रवियों से की जाएगी। 
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