चार बहनों के इकलौते भाई को पीट पीटकर मार डाला, लेकिन बेटे ने भागकर बचाई जान

पानीपत के जावा कॉलोनी में रात को रंजिश में चार बहनों के इकलौते भाई की गंडासी, रॉड व डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। बहनोई की भी पिटाई की और बेटे ने भागकर जान बचाई। हमलावरों की 15 से 20 संख्या थी। एक आरोपित के पास पिस्तौल भी थी।  हमलावरों का खौफ इतना था कि आसपास के लोग मदद नहीं कर पाए। वे इधर-उधर घरों में दुबक गए। दसवीं के छात्र जावा कॉलोनी के सौरव ने बताया कि उनके पिता 42 वर्षीय सुनील उर्फ सिंघा मजदूरी करते थे। करीब एक साल पहले पिता सुनील का मोतीराम कॉलोनी के ईशम और उसके बेटे तरुण व छोटू के साथ झगड़ा हो गया था। 
तब भी उनके पिता की पिटाई कर दी थी। पंचायत में मामला निपट गया था। घर के नजदीक जगदंबा डेयरी के पास उनके पिता सुनील के साथ तरुण व छोटू पुरानी रंजिश में केस दर्ज कराने की बात कहकर झगड़ा किया। वह पिता को लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान उक्त दोनों आरोपितों ने अपने साथी नदीम व लखन सहित 20 युवकों के साथ मिलकर डंडों, गंडासी व धारदार हथियारों से दोनों पर हमला कर दिया। वे पिता को तब तक मारते रहे जब तक वे अधमरे नहीं हो गए। वह भागकर बुआ के घर छिपा। हमलावरों ने पीछा किया लेकिन वे उस तक नहीं पहुंच पाए। 

वारदात की सूचना मिलते ही सौरव के फूफा मोतीराम कॉलोनी निवासी पवन कुमार मौके पर पहुंचे। अस्पताल ले जाने लगे तो बाइक से उतारकर फिर पीटा। घायल सुनील को बाइक पर बैठाकर अस्पताल की तरफ जाने लगा। हमलावरों ने सुनील को बाइक से उतारकर पीटा। उसने बीच-बचाव किया तो उसे भी पीटा। बाद में हमलावर भाग गए। उसने घायल सुनील को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुनील के परिवार में दो बड़ी  दो छोटी बहन, पत्नी विजय लक्ष्मी और इकलौता बेटा सौरव है। 
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