सहेली को कमरे में ब्रेकफास्ट देने गई, अंदर का नजारा देख हैरान रह गयी क्यूंकि वहां..!

आजकल की जनरेशन मोबाइल तक सिमिट के रह गयी है। छोटे छोटे बच्चें भी इस मोबाइल की दुनिया के वजह से स्ट्रेस और डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। आये दिन कोई न कोई बच्चा इस डिप्रेशन से तंग आ कर अपनी जान दे देता है। कुछ ऐसा ही एक और मामला इंदौर से हाल ही में हमारे सामने आया है। 
जहाँ किला मैदान स्थित आदिवासी कल्याण हॉस्टल में मंगलवार सुबह को बीएससी कक्षा की छात्रा ने फांसी से लटक कर अपनी जान दे दी। जानकारी के मुताबिक़ मंगलवार सुबह को हॉस्टल की लडकियाँ उसको नाश्ते पर बुलाने उसके कमरे में गयी। वहां कमरे में लड़की के शव को पंखे से लटकता देख उनके पैर तले से ज़मीन खिसक गयी। अचानक से अपनी सहेली को लाश बनता देख सभी लडकियाँ जोर-जोर से रोने लग गयीं।  चलिए जानते हैं इस मौत की आखिर वास्तविक वजह क्या है…

सुसाइड की वजह क्या केमिस्ट्री का एग्जाम था ?
जानकारी के मुताबिक़ मृतक का नाम कहबाई था। वह बीएससी साइंस थर्ड इयर की स्टूडेंट थी। कहबाई की सहेलियों के मुताबिक़ मंगलवार सुबह उनका केमिस्ट्री का पेपर था। वह सब नाश्ता करने के लिए हाल में इक्कठा हुईं थी किन्तु, कहबाई उस दिन नाश्ता करने नहीं पहुंची। इसलिए दो लडकियाँ उसका नाश्ता लेकर उसके रूम में देने चली गयी। जब वह रूम पहुंची तो वहां कहबाई पंखे से लटक के मर चुकी थी। उसके बाद लड़कियों ने हॉस्टल की सारी लड़कियों और वार्डन को वहां बुलाया। पूरा हॉस्टल इस बात से हैरान था कि कहबाई] ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया ? अभी तक ये बात स्पष्ट नहीं हो सकी कि उसके मरने की वजह उसके पेपर थे या कोई और। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

मरने से पहले लिखा था सुसाइड नोट
पुलिस मौके पर हॉस्टल पहुँच गयी। जब कमरे की तलाशी ली गयी तो उन्हें कहबाई का लिखा हुआ सुसाइड नोट मिला। इस नोट में कहबाई ने लिखा था कि- “मेरा बैग मेरे माँ बाप को सौंप दिया जाये और उनसे कहियेगा कि मुझे माफ़ कर दें, मुझे यहाँ से जाना होगा”। हालाँकि सुसाइड नोट में कहबाई ने बैग के ज़िक्र के इलावा कोई दूसरी बात नहीं कही। इसलिए उसकी मौत की वजह अभी तक राज़ बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक़ कहबाई की रूम पार्टनर अपने गाँव गयी हुई थी। 
अब पुलिस मामले की कारवाई कर रही है। कोई प्रूफ न मिलने के वजह से अभी कह्बाई की मौत एक रहस्य बन गयी है। किन्तु, पुलिस का कहना है कि जल्द से जल्द वह इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने ले आयेंगे। कहबाई की अचानक हुई आत्महत्या के बाद अभी हॉस्टल में चुप्पी छा गयी है। मल्हारगंज पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की पूछ्ता के बाद ये पता चला है कि कहबाई के पिता का नाम हरी सिंह है और वह एक किसान हैं। अभी पुलिस ये जानने में लगी है कि उसकी मौत की वजह आखिरकार गरीबी है या कुछ और।
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