कलयुग में होने वाले इस दस पापों के बारे में इन्होनें पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी, जाने कौन थे ये महापुरुष

हिन्दू ग्रंथपुराणो में मुख्य तौर पर चार युगों की बात की गयी है जो सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग है। हर युग में लोगों के चरित्रों और स्वभाव में बदलाव होते देखा गया है। जैसे उदहारण के तौर पर हम सतयुग की बात करें तो इस युग में लोग चल कपट से दूर ही रहना पसंद करते थे और हमेशा अपनी मान मर्यादा और चरित्र को साफ़ सुथरा रखने की कोशिश करते थे। कलयुग सबसे आखरी युग है और इसकी शुरुवात महाभारत काल से ही होगयी थी और उसी समय ये बता दिया गया था की कलयुग में जैसे जैसे समय परिवर्तित होगा लोगों के चरित्र में भी परिवर्तन आएगा और लोग पाप करने से बाज नहीं आएंगे।

इन्होनें कहा था की कलयुग में होंगे ये दस पाप

महाभारत काल में पांडवों और कौरवों के पितामह भीष्म पितामह ने पहले ही पांडवों को चेतावनी दे दी थी की आने वाले समय में कलयुग में घोर पाप होने वाले हैं और लोग इन पापों के लिए किसी भी प्रकार का प्रायश्चित भी नहीं करेंगे। आइये आपको बताते है की भीष्म पितामह ने कौन से वो दस पाप बताये थे।

हिंसा

ये वो पाप है जो इस युग में यानि की कलयुग में सबसे ज्यादा निंदा का विषय बना हुआ है। आज हर जगह से हमें तमाम तरह की हिंसा के घटना के बारे में सुनने को मिलता है। आजकल होने वाले इस महा पाप के बारे में भीष्म पितामह ने पहले ही चेतावनी दे दी थी।

चोरी

कलयुग में होने वाली चोरी की घटनाएं अब आम होगयी है। अपनी सुविधा के लिए किसी का कुछ भी चोरी करना सबसे बड़ा पाप माना जाता है, ऐसे लोगों को नर्क की आग में जलना पड़ता है।

व्यभिचार

व्यभिचार से तात्पर्य है की जब स्त्री या पुरुष एक पार्टनर के रहते हुए भी अगर किसी और से शारीरक संबंध बनाये तो उसे भी महापाप बंधन का अपमान करते हैं। की श्रेणी में रखा गया है। चारित्रिक हनन कलयुग में होने वाला सबसे निरीह पाप माना गया है क्यूंकि इसमें लोग शादी जैसे पवित्र

गन्दी वाणी का प्रयोग

कलयुग में अक्सर लोग एक दूसरे को वाणी के प्रयोग से दुखी करते हैं जो की सबसे बड़ा पाप माना गया है। इस पाप के भागिदार लोग कभी ना कभी बन ही जाते हैं क्यूंकि लोगों को खुद पे संयम नहीं रहता है।

किसी के लिए बहुत ही बुरा बोलना

कभी कभी लोग गुस्से में या आपसी रंजिश में आकर किसी को कुछ बहुत ही बुरा बोल देते है , इसे भी कलयुग के दस पापों में से एक माना गया है। ऐसा करने वाले लोग पाप के भागीदार बन जाते हैं।

बड़ों का अपमान करना

अपने से बड़ों को आदर देनी चाहिए और वैसे व्यक्ति को बड़ों को आदर नहीं देते या उनकी अनादर करते हैं वो पाप के भागिदार बन जाते हैं। बड़ों को हमेशा इज्जत देनी चाहिए।

झूठ बोलना

कलयुग में होने वाले सबसे कॉमन पापों में झूठ आता है क्यूंकि इसका प्रयोग किसी ना किसी रूप में सभी लोग करते हैं। कुछ अच्छाई के लिए तो कुछ बुराई के लिए लेकिन झूठ बोलते सभी हैं।

मन में वासना की भावना

आजकल अक्सर रोज कहीं ना कहीं से हमें रेप की घटनाएं सुनने को मिल ही जाती है जो की बहुत ही बड़ा पाप है। ऐसे लोग जो इस तरह की भावना दूसरों के लिए रखते हैं उन्हें किसी भी हाल में कभी भी सुख शांति नहीं मिल सकती।
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