इन चार भगवानो की मूर्ति घर में रखना होता हैं अशुभ

वैसे तो घर में सुख और दुःख का आना चलता रहता हैं. लेकिन कई बार घर में मुसीबतों का ऐसा पहाड़ खड़ा हो जाता हैं जो वापस जाने का नाम ही नहीं लेता हैं. आप ने कितनी बार देखा होगा आपकी लाख कोशिशों के बावजूद कोई विशेष काम पूरा होने का नाम नहीं लेता हैं. कभी कभी घर में धन आता तो हैं लेकिन टिक नहीं पाता हैं. इसी तरह कई बार घर में कोई ना कोई बीमार ही रहता हैं. इन सभी समस्याओं के पीछे घर के वास्तु का भी हाथ होता हैं.
आप घर में कौन सी चीज कहाँ रखते हैं, किस दिशा में रखते हैं यह बहुत मायने रखती हैं. वास्तु की जब बात आती हैं तो इसमें मंदिर का महत्त्व सबसे अधिक होता हैं. घर में मंदिर किस दिशा में रखा हैं, आप पूजन किस दिशा में खड़े होकर करते हो, मंदिर में कौन सी चीज रखना उचित हैं और कौन सी अनुचित हैं, इन सभी बातों का ख्याल रखना होता हैं.
आज हम आपको चार ऐसी मूर्तियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें भूलकर भी घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए, वरना आपकी और घर की बर्बादी होना शुरू हो जाती हैं.

घर के मंदिर में ना रखे ये चार मूर्तियाँ

1. शनि देव: शास्त्रों के अनुसार शनिदेव की मूर्ति की स्थापना सदेव घर से बाहर करनी चाहिए. वास्तु के हिसाब से भी घर के अन्दर शनि देव की मूर्ति रखना अशुभ माना जाता हैं.
2. राहू-केतू: शनि की तरह ही राहू केतु भी पापी गृह होते हैं. इनकी मूर्ति को घर में रखने से नकारात्मक उर्जा उत्पन्न होती हैं और घर में कलेश व अशांति बनी रहती हैं. हालाँकि यदि आप घर के बाहर बने मंदिर में जा कर इनकी पूजा अर्चना करेंगे तो आपके जीवन के कष्ट दूर होते हैं.

3. नटराज: शिव भगवान के रौद्र रूप को नटराज कहा जाता हैं. इस मूर्ति में शिव क्रोधित अवस्था में रहते हैं ऐसे में इस मूर्ति को घर में रखने से अशांति फैलती हैं.
4. भैरव देव: भैरव देव तंत्र मंत्र विधा के भगवान होते हैं. इसलिए इनकी मूर्ति की स्थापना और पूजा घर के बाहर की जाती हैं.
Previous Post Next Post

.