आखिर क्यों हो जाते है शरीर पर मस्से, कारण जानकर दंग रह जाएंगे आप



21वीं सदी की तेज़ रफ्तार लाइफ में हमें पता ही नहीं रहता की हम अपने शरीर की सही देखभाल कर पा रहे है या नहीं, ये फिर सिर्फ पूरे दिन बस काम काम और काम ही कर रहे है। अक्सर देखा जाता है की इस भाग दौड़ में हम अपने शरीर का बिलकुल भी ध्यान नहीं रकते है जिसकी वजह से हमारी सेहत धीरे धीरे बिगड़ती चली जाती है। हमारे शरीर को पुरे दिन में जितना आहार मिलना चाहिए होता है उतना आहार नही पाता है, जिसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है जिसका असर सबसे पहले हमारे चेहरे पर दिखाई पड़ता है।
ऐसा देखा गया है की कई बार हमारे चेहरे पर भी इसका प्रभाव पड़ता है जैसे की हमारे चेहरे पर झाइयां, मस्से और तिल आदि सब पड़ जाते है और अगर ये ज्यादा मात्रा में पड़ जाये तो पुरे चहरे का डिज़ाइन ही बिगड़ जाता है। शरीर के निशानों जैसे कि तिल और मस्सों को कई बार हम एक ही मान लेते हैं पर भविष्य कथन की दृष्टि से ये दोनों अलग-अलग हैं।
ऐसा कहा जाता है की मस्सों पर सबसे ज्यादा अध्ययन इस्लामिक मुल्कों में हुए हैं। कई प्रचीन अरब ग्रंथों में इस विद्या के सूत्र मिलते हैं, बताया जाता है की शरीर के प्रत्येक अंग पर मस्सों का अर्थ अलग-अलग माना जाता है। कहा जाता है की अगर ललाट पर मस्सा है तो यह संकेत है की आप धनवान बनाता है। यदि सिर के ऊपरी भाग पर मस्सा है तो आपको प्रचुर धन संपत्ति का स्वामी बनाता है।
मस्से भले ही कुछ भी कहते हो मगर शरीर पर सामने रहे तो ये देखने में अच्छे बिलकुल भी नहीं लगते। आइये आज हम बात करते है की कैसे इन मस्सों को हटाया जाये। मस्से विषाणु संक्रमण से पैदा होते हैं, प्रायः ‘मानव पेपिल्लोमैविरस’ नामक विषाणु की कोई प्रजाति इसका कारण होती है। आपको बता दे की मस्से करीब 10 से 12 प्रकार के होते है और काले रंग के और भूरे रंग के होते है। आपको बताना चाहेंगे की मस्से को काटने और फोड़ने से मस्से का वायरस हमारे पुरे शरीर के अन्य हिस्सों में भी चला जा सकता है।

कभी ऐसा भी होता है की मस्से का वायरस एक आदमी से दुसरे आदमी की त्वचा पर भी चला जाता है, कुछ मस्से अपने आप ही ख़त्म हो जाते है पर कुछ मस्से को इलाज की जरुरत पड़ती है। त्वचा पर अगर पेपिलोमा नाम का वायरस आजाये तो छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं जो की मस्सा होते है।

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