देवउठनी एकादशी के दिन भूल कर भी न करे ये काम, वरना हरि विष्णु जी हो सकते है नाराज

अगर शास्त्रों की बात करे तो एकादशी का त्यौहार श्री हरि विष्णु और उनके अवतारों का त्यौहार यानि दिन माना जाता है. बता दे कि श्री हरि विष्णु की सबसे अद्धभुत एकादशी कार्तिक महीने की देवउठनी एकादशी होती है. जी हां इस दौरान श्री हरि जागते है. गौरतलब है कि इस दिन वह अपनी प्रिय तुलसी से विवाह करते है. बरहलाल अब जब ये दिन इतना खास है, तो इस दिन आपको कुछ बातों का ख्याल भी रखना चाहिए. जी हां आज हम आपको बताएंगे कि ऐसी कौन सी चीजे है जो आपको भूल कर भी इस दिन नहीं करनी चाहिए.
१. सबसे पहले तो हम आपको बता दे कि एकादशी के दिन चावल नहीं खाने चाहिए. जी हां ऐसा माना जाता है कि इससे व्यक्ति का मन भटकता है और उसका मन प्रभु की भक्ति करने में नहीं लगता.
२. इसके इलावा एकादशी की सुबह दातुन करना भी वर्जित माना जाता है.
३. बता दे कि इस दिन किसी भी पेड़ पौधे की फूल पत्ती तोडना भी गलत होता है.
४. गौरतलब है कि देवउठनी एकादशी के दिन यदि आप व्रत न रख पाए तो कोई बात नहीं, लेकिन इस दिन ब्रह्मचार्य का पालन जरूर करना चाहिए और संयम भी रखना चाहिए.
५. यूँ तो इंसान को कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए, लेकिन एकादशी के दिन झूठ बोलने से बड़ा पाप लगता है. जी हां झूठ बोलने से मन दूषित होता है और दूषित मन से भगवान् की पूजा नहीं होती.
6. इसके साथ ही एकादशी के दिन अपने गुस्से को भी जरा काबू में रखे.
७. बता दे कि एकादशी के दिन बिस्तर पर सोने की बजाय जमीन पर सोना चाहिए.
८. गौरतलब है कि इस दिन मांस और नशीली वस्तुओ का सेवन भूल कर भी न करे और सुबह स्नान करने के बाद ही कुछ खाना चाहिए.

वैसे हम आपको बता दे कि आज एकादशी है और हम उम्मीद करते है कि आज आप इन बातो का ध्यान जरूर रखेंगे.

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