रांची में ATM से 4 करोड़ गबन करने वाले 3 शातिर पटना से किए गए गिरफ्तार, लगभग 43 लाख हुआ बरामद

झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और  यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (UBI) के 20 एटीएम (ATM) में रकम डालने के नाम पर करोड़ों रुपये गायब करने वाले दो शातिर भाइयों को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपी राजेश कुमार महतो और सुरेश कुमार महतो के पास से गबन के 42 लाख 50 हजार रुपये बरामद किये हैं. इन पर बैंकों के कुल चार करोड़ सात लाख 53 हजार रुपये गबन करने का आरोप है. मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले इन दोनों भाइयों का ठिकाना पटना से सटे फुलवारीशरीफ में था. पुलिस ने यहां स्थित हरणीचक आवास में छापेमारी कर रकम बरामद की.
बता दें कि रांची पुलिस सुपौल से सुबोध कुमार महतो को पकड़कर सोमवार को लाई थी. रांची पुलिस के अनुसार इस मामले में सुपौल के रहने वाले विपिन की गिरफ्तारी दिल्ली में हुई है. उसके पास से पुलिस ने करीब तीन करोड़ रुपये बरामद की है. हालांकि इस मामले में मुख्य आरोपी सुपाैल के गणेश ठाकुर और समस्तीपुर के शिवम कुमार को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है. बताया जा रहा है कि इन दोनों को एटीएम में रकम जमा करने वाली कंपनी एसआईएस कैश सर्विस प्राइवेट लिमिटेड ने कस्टोडियन बनाया था. पकड़े गए आरोपी दाेनाें भाई भी इसी कंपनी से जुड़े थे. इस संबंध में रांची के सदर थाना में 18 दिसंबर को एसआईएस के सहायक मैनेजर कंचन ओझा के बयान पर केस (कांड सं. 578/19) दर्ज किया गया था.

जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि एसआईएस ने गणेश को कस्टोडियन बनाया था. इसी की मिलीभगत से इसके नाम पर सुबोध, राजेश और सुरेश तीनों रांची के 20 एटीएम में रकम जमा कर रहे थे. राजेश इस मामले में सबसे बड़ा खिलाड़ी है. रांची में केस दर्ज होने के बाद दोनों भाई भागकर पटना आ गए थे. दिल्ली से विपिन और सुपौल से सुबाेध की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस को पता चला था कि दोनों भाई पटना में छिपकर रह रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

इस जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब एसआईएस (SIS) कंपनी ने इन 20 एटीएम में पांच से 14 दिसंबर के बीच रकम डालने का ऑडिट किया तो पता चला कि जितनी रकम डालने के लिए कस्टोडियन को दी गई उसमें से चार करोड़ सात लाख 53 हजार का कोई हिसाब-किताब नहीं मिल रहा. कंपनी ने जब दोनों कस्टोडियन को फोन किया तो उनके माेबाइल स्विच ऑफ मिले. दोनों के रांची आवास से लेकर मूल पते पर कंपनी ने खोजबीन की लेकिन उनका कुछ सुराग नहीं मिला. 15 दिसंबर से गणेश और शिवम ने दफ्तर आना भी बंद कर दिया था. बाद में 18 दिसंबर को कंपनी के सहायक मैनेजर ने दोनों कस्टोडियन पर रांची के सदर थाना में केस दर्ज करा दिया.
Previous Post Next Post

.